Meerut News: मेरठ-हापुड़ हाईवे पर कैंटर की टक्कर से ट्रैक्टर ट्रॉली सवार दो कांवड़ियों की मौत
Meerut News: मेरठ-हापुड़ हाईवे पर एक तेज रफ्तार कैंटर ने कांवड़ियों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली में टक्कर मार दी। इस हादसे में दो कांवड़ियों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए। पुलिस ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। यशपाल और राजेंद्र की मौत के बाद गांव में मातम छा गया है।
Meerut News: मेरठ-हापुड़ हाईवे पर शनिवार तड़के तेज रफ्तार कैंटर ने कांवड़ियों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़क किनारे पलट गई। हादसे में दो कांवड़ियों की मौत हो गई और दर्जनभर से अधिक घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को सीएचसी और एनसीआर मेडिकल कॉलेज नालपुर में भर्ती कराया, जहां से गंभीर हालत में एक घायल को दिल्ली रेफर कर दिया गया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के अनुसार राजस्थान के भरतपुर जिले के कुम्हेर थाना क्षेत्र के गांव अवारपुर निवासी 27 लोगों की टीम डाक कांवड़ लेने गुरुवार हरिद्वार गई थी।
शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे गंगाजल लेकर सभी कांवड़िये अपने गंतव्य को लौट रहे थे।
हादसे की जानकारी
शनिवार तड़के करीब तीन बजे ट्रैक्टर-ट्रॉली खरखौदा के समीप लालपुर कट के पास पहुंची, तो पीछे से आ रहे तेज रफ्तार कैंटर ने जोरदार टक्कर मार दी, जिससे ट्रैक्टर ट्रॉली सड़क किनारे पलट गई। ट्रॉली में दबने से यशपाल (18 वर्ष) पुत्र हुक्म सिंह व राजेंद्र (45 वर्ष) पुत्र राधेश्याम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दर्जनभर श्रद्धालु घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी समय पाल अत्री पुलिस बल के साथ घटना स्थल पर पहुंचे और घायल जितेंद्र पुत्र अरब सिंह, महेश पुत्र राम भरोसे, गुड्डू पुत्र मानिक शर्मा, प्रद्युम्न पुत्र गंभीर सिंह, महावीर पुत्र हरिओम, भूरा पुत्र दयाराम, पुष्पेंद्र पुत्र प्रेम सिंह, अंकित पुत्र रामबाबू आदि को सीएचसी खरखौदा तथा नालपुर स्थित एनसीआर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहां से चिकित्सकों ने गंभीर रूप से घायल रविंद्र पुत्र प्रभु दयाल को दिल्ली रेफर कर दिया, जहां उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। पुलिस ने परिजन की तहरीर पर चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को कब्जे में लेकर थाने ले आई।
परिवार पर असर
घर का बुझा चिराग, परिवार में मचा कोहराम खरखौदा। यशपाल अपने घर का अकेला पुत्र था। दो शादीशुदा बहनों में छोटा था। यशपाल व राजेंद्र की मौत की सूचना से गांव में मातम छा गयाद। वहीं यशपाल के परिजनों का रो रोकर बुरा हाल हो गया। यशपाल के पिता ने बताया कि उसकी यह पहली कांवड़ थी।


