भागलपुर के दो युवकों की जरमुंडी के घोरटोपी मोड़ के पास बाइक दुर्घटना में हुई मौत
भागलपुर के दो युवकों की जरमुंडी के घोरटोपी मोड़ के पास बाइक दुर्घटना में हुई मौतभागलपुर के दो युवकों की जरमुंडी के घोरटोपी मोड़ के पास बाइक दुर्घटना म

दुमका। प्रतिनिधि। जरमुंडी-नोनीहाट मुख्य पथ पर जरमुंडी थाना अंतर्गत घोरटोपी गांव के पास ट्रैक्टर के धक्का से भागलपुर जिला के बाइक सवार दो युवकों की मौत हो गई। यह घटना शुक्रवार को अहले सुबह में हुई। दोनों युवकों की पहचान भागलपुर जिला के चंपानगर के साहिबगंज मुहल्ले का निवासी 20 वर्षीय सन्नी कुमार एवं अनिकेत कुमार के रूप में हुई है। परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार दोनों युवक अपने छह साथियों के साथ पूजा करने के लिए गुरुवार की शाम बासुकीनाथ धाम आए थे। रात में सभी युवक बासुकीनाथ धाम में ही रुक गए और शुक्रवार को स्नान-ध्यान कर बाबा की पूजा-अर्चना किए। सभी पूजा-अर्चना के बाद नोनीहाट की रोड से भागलपुर के लिए जा रहे थे। सुबह करीब 5 बजे घोरटोपी गांव के पास अचानक एक तेज रफ्तार में ट्रैक्टर ने एक बाइक में धक्का मार दिया। उक्त बाइक में सन्नी कुमार व अनिकेत सवार थे। दोनों दुर्घटनाग्रस्त हो गए और खून से लतपथ हालत में बेहोश हो गए। अन्य बाइकों में सवार साथियों ने तुरंत अपनी-अपनी बाइकों को रोका और लोगों से मदद की गुहार लगाई,पर किसी ने युवकों की मदद नहीं की। अंत में युवकों ने घायल दोनों को अपनी-अपनी बाइकों में बैठाया और इलाज के लिए जरमुंडी के रेफरल अस्पताल लेकर चले गए। रेफरल अस्पताल से दोनों को दुमका पीजेएमसीएच रेफर कर दिया गया। दुमका पहुंचते ही दोनों युवकों की मौत हो गई। चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। दोनों की मौत होने पर सभी युवक डर गए और बिना पुलिस को सूचना दिए ही शवों को एम्बुलेंस से लेकर निकल गए। घटना की जानकारी जब नगर थाना की पुलिस को मिली तो मामले की छानबीन करते हुए एम्बुलेंस चालक के मोबाइल नम्बर को जुगाड़ किया और निर्देश दिया गया कि दोनों शवों को अविलंब दुमका पहुंचाएं,अन्यथा कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के फोन करते ही दोनों शवों को लेकर एम्बुलेंस के चालक वापस लौट आए। शव के साथ युवक एवं अनिकेत के मामा साथ आए थे。
अनिकेत व सन्नी दोनों बीए पार्ट-1 के थे विद्यार्थी
अनिकेत के मामा ने बताया कि सभी एक ही मुहल्ले के निवासी है और एक ही क्लास के विद्यार्थी है। अनिकेत भी बीए पार्ट-1 का विद्यार्थी था। सभी ने एक साथ बासुकीनाथ धाम में पूजा-अर्चना करने की योजना बनाई और चार बाइक से निकल पड़े। वापस लौटने के दौरान ट्रैक्टर ने अनिकेत के बाइक में धक्का मार दिया। बाइक में सवार अनिकेत व सन्नी गंभीर रूप से जख्मी हो गए और दोनों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि वे रांची में नौकरी करते है और रांची-गोड्डा इंटरसिटी से हंसडीहा में उतरने वाले थे। इसी बीच पता चला कि अनिकेत व उसके साथी दुर्घटनाग्रस्त हो गए। यह सुनते ही वे अपने एक साथी के साथ हंसडीहा से सीधे दुमका पीजेएमसीएच पहुंच गए,जहां दोनों की मौत हो चुकी थी।
अनिकेत के पिता की पहले ही हो चुकी थी मौत,वह घर का एकमात्र था सहारा
मामा ने बताया कि अनिकेत के पिता इस दुनिया में नहीं है। पिता की मौत असाध्य बीमारी से हो गई। घर में विधवा मां है। एक बड़ी बहन थी,जिसकी शादी हो चुकी है। विधवा मां ही अनिकेत की किसी तरह से परवरिश कर रही थी। अनिकेत ही घर का सहारा था। उसकी मौत से मां पूरी तरह से बिखर गई है। पूरा परिवार शोक में दुब गया है। मुहल्ले में मातमी माहौल पसरा हुआ है। वहीं सन्नी दो भाईयों में सबसे बड़ा था। वह भी बीए में पढ़ाई कर रहा था। परिजन दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद भागलपुर लेकर चले गए। इधर,दोनों युवकों के साथियों ने जरमुंडी के रेफरल अस्पताल के चिकित्सकों पर आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों का अस्पताल में पर्याप्त ढंग से इलाज भी नहीं किया गया। वहां से तुरंत दुमका के लिए भेज दिया गया। अगर समय पर इलाज हुआ होता तो दोनों की जान बच सकती थी। दोस्तों ने बताया कि घटना स्थल पर न तो एम्बुलेंस पहुंची और न ही किसी ने कोई मदद की। खुद बाइक में लोड कर दोनों को अस्पताल तक पहुंचाया,पर देर होने के कारण दोनों की जान नहीं बच पाई।
फोटो-17दुमका-60,61,कैप्सन-दुमका के पीजेएमसीएच में परिजनों से फर्द बयान लेती पुलिस


