मातम में बदली मेले में जाने की खुशी
अमृतसर के मेले से लौट रहे तीन परिवारों का जीवन का सफर एक दुर्घटना में समाप्त हो गया। नजीबाबाद-कोतवाली मार्ग पर हादसे में मनदीप सिंह, अर्शदीप सिंह और गगन दीप सिंह की मौत हो गई। मनदीप की शादी मात्र डेढ़ साल पहले हुई थी और चार महीने का एक बच्चा उसके बिना रह जाएगा।

अमृतसर के मेले में जाने और घोड़ों के साथ पंजाब पहुंचने की खुशी लेकर निकले तीन परिवारों के लिए गुरुवार रात का सफर जिंदगी का आखिरी सफर बन गया। रिश्तेदारे के तीन भाई मौत की नींद सो गए। नजीबाबाद-कोतवाली मार्ग पर हुए हादसे की खबर जैसे ही परिजनों तक पहुंची, घरों में कोहराम मच गया। शुक्रवार सुबह पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। हादसे में जान गंवाने वाले मनदीप सिंह पुत्र लाल सिंह निवासी गांव पीपली जट जनपद फिरोजपुर का रहने वाला था। उसकी शादी अभी डेढ़ साल पहले ही हुई थी। चार महीने पहले उनके घर में बच्चे की किलकारी गूंजी थी।
मनदीप अपने रिश्ते के भाइयों अर्शदीप सिंह निवासी गांव तलवंडी पाई फिरोजपुर और गगन दीप सिंह निवासी गांव उरदन पटियाला के साथ अपनी रिश्तेदारी में रूद्रपुर आया था। गुरूवार की रात तीनों वापस पंजाब लौट रहे थे। परिवार को क्या पता था कि जिस पिता के लौटने का इंतजार उसका मासूम बच्चा कर रहा है, वह कभी वापस नहीं आएगा। हादसे ने महज चार महीने के बच्चे के सिर से पिता का साया छीन लिया।उधर, हादसे में बच गए सन्नी और 14 वर्षीय प्रिंस की आंखों के सामने उनके साथियों की जिंदगी उजड़ गई। दोनों किशोर सुरक्षित हैं, लेकिन हादसे का खौफ शायद लंबे समय तक उनका पीछा नहीं छोड़ेगा। परिवारों की खुशियां मातम में बदल गईं।


