पुलिस की बढ़ी सक्रियता, सड़क हादसे में आई गिरावट
पूर्णिया में पुलिस की सक्रियता के परिणामस्वरूप सड़क हादसों में कमी आई है। जुलाई में 14 और अगस्त में 11 लोगों की जान गई, जबकि पिछले साल इन महीनों में क्रमशः 23 और 26 लोग मारे गए थे। बढ़ते ट्रैफिक प्रबंधन एवं नियमों के अनुपालन ने सड़क दुर्घटनाओं में गिरावट पर असर डाला है।

पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। ट्रैफिक नियम का अनुपालन करवाने में पुलिस की बढ़ी सक्रियता की तस्वीर जिले में घटित सड़क हादसे के मामलों में स्पष्ट दिखने लगी है। जहां कभी एक महीने में सड़क हादसे से तीन दर्जन के करीब जाने जाती थ, वहां इन आंकड़ों में जबरदस्त गिरावट आई है। पिछले दो महीने में मौत के गिरते आंकड़ों ने खुद अपना रिकार्ड तोड़ा है। इस साल जुलाई महीने में जहां 14 लोगों की जान हादसे का शिकार हुई, वहीं अगस्त में यह आंकड़ा गिरकर 11 हो गया। जबकि पिछले साल जुलाई महीने में 23 तथा अगस्त महीने में 26 जानों को सड़क हादसों ने लील लिया था। इसके पीछे खास वजह यह रही कि पिछले दो महीनों में शहर में ट्रैफिक के बेहतर प्रबंधन के साथ शहर से लेकर ग्रामीण इलाके में नियमों को तोड़ वाहन चलाने वालों पर पुलिस की सख्ती रही। तभी तो जिले में पिछले महीने नियम तोड़ कर चल रहे 15 हजार 824 वाहनों पर 1 करोड़ 84 लाख 9 सौ रुपये का जुर्माना किया गया।
डेढ़ सालों में 428 राहगीरो की गई जान:
पिछले साल जनवरी से इस साल के अगस्त महीने तक जिले में 428 राहगीरों ने सड़क हादसे में जान गवाईं हैं। इनमें पिछले साल कुल 257 लोगों की मौत हुई। सड़क हादसे के कारण पसरी लाशों के इन आंकड़ो के बीच थोड़ी तसल्ली देने वाली बात यह रही कि इस साल के अगस्त महीने में मौत के सबसे कम आंकड़े दर्ज किए गए। जबकि इन डेढ़ सालों में सबसे सड़कों पर सबसे अधिक मौत का नाच नवंबर महीने में हुआ। इस महीने में कुल 33 लोगों की मौत हुई। वहीं पिछले साल जनवरी में 15, फरवरी और मार्च में 17-17, अप्रैल में 27, मई में 25, जून में 19, सितंबर में 21, अक्टूबर में 16 तथा दिसंबर में 18 लोग मारे गए थे। उसी प्रकार इस साल जनवरी में 20, फरवरी में 22, मार्च तथा अप्रैल में 24-24 मई में 25 एवं जून में 31 लोगों को काल के गाल में समाना पड़ा।
जाम से निजात के लिए प्रयास:
सड़क हादसे में गिरावट दर्ज करने की गई व्यवस्था के साथ शहर में जाम से निजात के लिए पुलिस का प्रयास भी काबिले तारीफ है। पुलिस के प्रयास को जिला प्रशासन के सहयोग ने जाम की समस्या से निबटने में पुलिस को ऊर्जा दिया। जाम के झाम से शहर को उबारने में जिला प्रशासन एवं पुलिस के आपसी समन्वय से न्यू मरंगा बायपास से बसों की शहरी क्षेत्र में एन्ट्री, लाइन बाजार में बैरिकेडिंग की बेहतर व्यवस्था के साथ टोटो एवं ऑटो के कलर कोडिंग के साथ मार्ग निर्धारण जैसे उल्लेखनीय निर्णय सहायक सिद्ध हुए। इतना ही नहीं, आए दिन बिगड़ती ट्रैफिक लाइट की व्यवस्था के बीच ट्रैफिक कंट्रोल के लिए सड़कों पर पुलिस पसीना बहाती रही।
बोले अधिकारी:
नियम तोड़कर वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई के साथ सड़क हादसे में कमी लाने के लिए राहगीरों में जागरूकता लाई जा रही है। जहां तक शहर में जाम से निबटने का सवाल है तो इसके लिए कई स्तर से प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए एसएसपी का सतत मार्गदर्शन मिल रहा है।
- सुनील कुमार राय, ट्रैफिक थानाध्यक्ष पूर्णिया।


