दिल्ली ट्रैफिक पुलिस 25 सड़क कॉरिडोर को सिग्नल फ्री बनाने की कर रही तैयारी
-पहले आठ सिग्नल फ्री कॉरिडोर के परिणाम बेहतर आने पर ट्रैफिक पुलिस ने नए कॉरिडोर का चयन किया-चालान कर सख्ती बढ़ाने से भी यातायात व्यवस्था में सुधार आया हैनई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। राष्ट्रीय राजधानी...

-पहले आठ सिग्नल फ्री कॉरिडोर के परिणाम बेहतर आने पर ट्रैफिक पुलिस ने नए कॉरिडोर का चयन किया -चालान कर सख्ती बढ़ाने से भी यातायात व्यवस्था में सुधार आया है
नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। राष्ट्रीय राजधानी में यातायात को सुगम बनाने के लिए 25 सड़क कॉरिडोर को सिग्नल फ्री किया जाएगा। इसके लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस अध्ययन कर संभावनाएं तलाश रही है। विशेष पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक) मनीष अग्रवाल ने शुक्रवार को पत्रकार वार्ता कर बताया कि इससे पहले आठ कॉरिडोर सिग्नल फ्री बनाए गए हैं, जिनका सकारात्मक परिणाम मिला है। इनमें से छह उत्तरी रेंज और दो पूर्वी रेंज में हैं। इन पर यात्रा समय में कमी आई है। खासतौर पर लक्ष्मी नगर से कड़कड़ी मोड़ विकास मार्ग और एनएसपी से रिठाला मेट्रो स्टेशन के बीच बने सिग्नल फ्री कॉरिडोर में उत्कृष्ट परिणाम देखने को मिला है।
48.42 लाख चालान किए, सख्ती से सुधरा सड़क अनुशासन
विशेष पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक) ने बताया कि सख्त प्रवर्तन से सड़क अनुशासन बेहतर हुआ है। यात्रियों के व्यवहार पर भी सकारात्मक असर पड़ा है।प्रवर्तन के मोर्चे पर, इस वर्ष अब तक 48.42 लाख चालान काटे गए, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या 47.52 लाख थी। लाल बत्ती का उल्लंघन और ओवर स्पीडिंग बड़ी खतरनाक होती है। इससे दूसरों के जीवन को नुकसान पहुंच सकता है। इस कारण इन उल्लंघनों पर रेड लाइट वायलेशन डिटेक्शन (आरएलवीडी) और ओवर स्पीड वायलेशन डिटेक्शन (ओएसवीडी) प्रणाली से 17,21,221 चालान जारी किए गए हैं। गलत दिशा में वाहन चलाने समेत लापरवाह ड्राइविंग पर 2187 एफआईआर दर्ज कराई गई हैं। उन्होंने बताया कि काम के दौरान 14 ट्रैफिक पुलिसकर्मी घायल हुए और एक पुलिसकर्मी ने ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया। इस दौरान संयुक्त पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक) संजय कुमार त्यागी, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक) विजयंता गोयल आर्या, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक) दिनेश गुप्ता व डीसीपी मौजूद रहे।
समन्वय से यातायात व्यवस्था हुई ठीक
उन्होंने बताया कि पीडब्ल्यूडी, एमसीडी, एनएचएआई, डीएमआरसी और डीटीसी के साथ मिलकर ट्रैफिक पुलिस ने कश्मीरी गेट आईएसबीटी, मजनू का टीला, खजूरी फ्लाईओवर, अधचिनी गांव, आश्रम चौक, आनंद विहार आईएसबीटी और कालिंदी कुंज जैसे स्थानों पर भीड़भाड़ कम करने के लिए विशेष उपाय किए हैं। यहां पर यातायात व्यवस्था पहले की तुलना में ठीक हुई है।
प्रोजेक्ट संगम में मिले सुझाव सहायक
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस गत 3 अप्रैल से प्रोजेक्ट संगम (सिनर्जिस्टिक एक्शन एंड नेटवर्क्ड गवर्नेंस फॉर एरिया मोबिलिटी) के तहत आरडब्ल्यूए और एमडब्ल्यूए के साथ 309 बैठकें कर चुकी है। विशेष पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक) ने बताया कि इन बैठकों में 514 सुझाव मिले, जिनमें से 368 पर अमल किया जा चुका है। इससे द्वारका के एलीफेंट चौक-यूईआर-2 जंक्शन, पश्चिम पटेल नगर और आजादपुर के जीटीके रोड जैसे स्थानों पर यातायात सुगम हुआ है। उन्होंने बताया कि
रोड सेफ्टी सेल ने जनवरी से जून तक 2.84 लाख से अधिक स्कूली छात्रों, 15.44 लाख से अधिक आम नागरिकों, 12 हजार से अधिक टीएसआर-टैक्सी चालकों और 11 हजार से अधिक डीटीसी चालकों को प्रशिक्षित किया है। अब ट्रैफिक पाठशाला अभियान के तहत एक माह तक यातायात नियम तोड़ने वालों को नियमों का पाठ पढ़ाया जाएगा।
मानसून में यातायात सुचारू रखने को कसी कमर
विशेष पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक) ने बताया कि मानसून को देखते हुए पुलिस ने पिछले वर्ष के अनुभवों के आधार पर 169 जलभराव स्थलों की सूची नगर निगम, पीडब्ल्यूडी समेत अन्य एजेंसियों को सौंपी है। छह आपदा प्रबंधन वाहन तैनात किए हैं। कोशिश की जा रही है कि मानसून के दौरान ट्रैफिक को प्रभावित होने से रोका जा सके। प्रत्येक सर्किल स्तर पर ट्रैफिक पुलिस की टीम सिविक एजेंसियों के साथ समन्वय कर रही हैं।
जाम वाले 30 स्थानों पर सुगम हुआ यातायात
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, राजधानी में 62 जाम वाले स्थान हैं। शुरुआती चरण में इनमें से 34 स्थानों पर काम किया गया।जिसमें से 30 स्थानों पर विभिन्न विभागों के इंजीनियरिंग उपायों और स्थानीय स्तर पर बदलाव व सख्ती से यातायात व्यवस्था सुधरी है। यातायात जाम में औसत 15.82 किलोमीटर की कमी आई है। नेविगेशन प्लेटफॉर्म्स के आंकड़े और अध्ययन से यह सामने आया है। केवल चार स्थानों पर निर्माण कार्य चलने समेत अन्य कारणों से सुधार नहीं हो पाया।
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ये कॉरिडोर बनेंगे सिग्नल फ्री
द्वारका क्षेत्र के एक दर्जन चौराहे, उत्तम नगर से नजफगढ़ तक नजफगढ़ मार्ग, राजौरी गार्डन से मोती नगर तक नजफगढ़ मार्ग, रोहतक मार्ग, लाल किला सर्किट, पटेल मार्ग, महाराजा नाहर सिंह मार्ग, महरौली-गुरुग्राम मार्ग, मथुरा रोड, ओखला-बदरपुर क्षेत्र, बादली-बवाना मार्ग, रोहिणी-शाहबाद-बरवाला मार्ग, रिंग रोड के विभिन्न खंड, यूईआर-एक नरेला से बवाना तक, कालिंदी कुंज क्षेत्र, पालम क्षेत्र का इंडियन ऑयल प्लांट मार्ग, पंखा रोड़, महरौली-बदरपुर रोड
जनकपुरी-साकेत-संगम विहार मार्ग, पटपड़गंज मैक्स अस्पताल रोड व अन्य।
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