जाम से बेहाल सोनौली, मालवाहकों का बढ़ा दबाव
भारत-नेपाल सीमा के सोनौली क्षेत्र में जाम की समस्या बढ़ती जा रही है। नेपाल में जलप्रलय के कारण मुख्य मार्ग बाधित हो गए हैं, जिससे वाहनों का दबाव बढ़ गया है। सोनौली में लंबी कतारें लगने से स्थानीय यातायात प्रभावित हो रहा है। व्यापारी और स्थानीय लोग इससे परेशान हैं।
महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। भारत-नेपाल सीमा के सोनौली क्षेत्र में जाम की समस्या अब आम नागरिकों के लिए बड़ी परेशानी बनती जा रही है। फिलहाल नेपाल में आए जलप्रलय के बाद काठमांडू जाने वाले प्रमुख मार्गों के बाधित होने से सोनौली सीमा पर मालवाहक वाहनों का दबाव बढ़ गया है।
जलप्रलय से प्रभावित मार्ग
नेपाल के प्रमुख मार्गों के प्रभावित होने से भारत से नेपाल जाने वाले आवश्यक सामान से लदे वाहनों की संख्या बढ़ी है। सीमा पर वाहनों की लंबी कतार लगने के कारण जाम का असर सोनौली कस्बे तक पहुंच रहा है। मालवाहकों की कतार में फंसे रहने से स्थानीय यातायात भी प्रभावित हो रहा है।
आपदा के बाद बढ़ा मालवाहकों का दबाव
नेपाल में जलप्रलय से कई सड़क मार्ग प्रभावित हुए हैं। काठमांडू से तराई क्षेत्र और अन्य हिस्सों के बीच माल की आवाजाही में भी व्यवधान आया है। ऐसे में भारत से नेपाल जाने वाले सामान की मांग बढ़ने के कारण सोनौली सीमा पर मालवाहक वाहनों की आवाजाही बढ़ी है। इधर, त्योहारों का मौसम नजदीक है, जिससे नेपाल में सामानों की मांग बढ़ी है। बेलहिया कस्टम चीफ हरिहर पौडेल ने बताया कि रात 12 बजे तक सीमा खोलकर भारतीय मालवाहकों की इंट्री नेपाल में हो रही है। बताया कि औसतन तीन से पांच सौ के करीब मालवाहक नेपाल में एंट्री कर रहे हैं। काठमांडू मार्ग खुलने के बाद समस्या का समाधान हो जाएगा।
जाम में फंस रहे लोग
मालवाहकों की लंबी कतार का खामियाजा स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ रहा है। सोनौली बाजार और सीमा क्षेत्र में आने-जाने वाले लोगों के साथ दोपहिया वाहन चालकों, व्यापारियों, मरीजों और स्कूली बच्चों को भी जाम की समस्या से जूझना पड़ता है। लोगों का कहना है कि नेपाल के लिए व्यापारिक वाहनों की आवाजाही जरूरी है, लेकिन मालवाहकों की कतार को मुख्य सड़क पर खड़ा करने के बजाय व्यवस्थित होल्डिंग एरिया और पार्किंग व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए, ताकि स्थानीय यातायात बाधित न हो।


