टीपीएस कॉलेज : 40 घंटे के कोर्स से विद्यार्थी सीखेंगे उद्यमी बनने के गुर
टीपीएस कॉलेज, पटना ने निवेश, व्यवसायिक अर्थशास्त्र और उद्यमिता पर 40 घंटे का प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम शुरू किया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को वित्तीय साक्षरता और उद्यमिता के कौशल में प्रशिक्षित करना है। उद्घाटन सत्र में प्रधानाचार्य ने छात्रों को आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में उनकी भूमिका के बारे में बताया।

टीपीएस कॉलेज, पटना के अर्थशास्त्र, बीबीए एवं वाणिज्य विभागों के संयुक्त तत्वावधान में निवेश, व्यावसायिक अर्थशास्त्र एवं उद्यमिता: अवधारणाएं, उपकरण एवं अनुप्रयोग विषय पर 40 घंटे के प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस पाठ्यक्रम को पूरा करने वाले विद्यार्थी वित्तीय साक्षर होंगे और उद्यमी बनने के गुर भी सीखेंगे। उद्घाटन सत्र में प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) तपन कुमार शांडिल्य ने विद्यार्थियों को निवेश, बाजार अनुसंधान, जोखिम प्रबंधन एवं वित्तीय साक्षरता के व्यावहारिक महत्व से अवगत कराया। उन्होंने ‘आत्मनिर्भर भारत’ के निर्माण में युवाओं की भूमिका तथा बिहार में स्टार्टअप एवं उद्यमिता की संभावनाओं पर विशेष बल दिया।आईक्यूएसी समन्वयक प्रो. रूपम ने पाठ्यक्रम की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला, जबकि समन्वयक डॉ. दीपिका शर्मा ने पाठ्यक्रम की संरचना एवं विषय-वस्तु की जानकारी दी।
सह-संयोजक प्रो. अंजलि प्रसाद ने धन्यवाद ज्ञापन किया। उद्घाटन सत्र में प्रो. शशि भूषण चौधरी, प्रो. विजय कुमार सिन्हा, डॉ. प्रशांत कुमार, डॉ. नूतन, डॉ. शुशोवन पालाधी, डॉ. उमेश कुमार, डॉ. एसपी दुबे, डॉ. ओंकार पासवान, डॉ. विनय भूषण, डॉ. मुकुंद कुमार समेत अन्य शिक्षक-विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में डॉ. अवनीत भूषण, डॉ. चंदन कुमार और नीरज का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।


