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केंद्रीय बलों की तैनाती पर तृणमूल की नियत सही नहीं : भाजपा

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पश्चिम बंगाल भाजपा ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की लोकसभा चुनाव में केंद्रीय बलों की तैनाती पर नियत साफ नहीं है। वह केंद्रीय बलों की तैनाती का इसलिए विरोध कर रही है, क्योंकि केंद्रीय बलों के चलते चुनाव में गड़बड़ी फैलाने की उसकी मंशा पूरी नहीं हो पाएगी। 

उन्होंने कहा, बिडंबना है कि तृणमूल कांग्रेस केंद्रीय बलों की तैनात के विरोध में है। पहले, जब वह विपक्ष में थी तब मांग करती थी कि राज्य में हर जगह केंद्रीय बल तैनात किए जाएं। अब तृणमूल कांग्रेस इसका विरोध कर रही है क्योंकि पार्टी डरी हुई है कि चुनाव में गड़बड़ी फैलाने की उसकी मंशा पूरी नहीं हो पाएगी। पिछले साल राज्य में पंचायत चुनाव में हुई हिंसा का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी मतदाता स्वतंत्र एवं निष्पक्ष तरीके से मतदान कर पाएं।

भाजपा का यह बयान तृणमूल कांग्रेस द्वारा राज्य की छवि खराब करने के आरोपों को लेकर 48 घंटे के धरने के बाद आया है। भाजपा द्वारा चुनाव आयोग से राज्य के सभी मतदान केंद्रों को अतिसंवेदनशील घोषित किए जाने की मांग के बाद तृणमूल ने धरना शुरू किया था। 

पश्चिम बंगाल में केंद्रीय बलों के पहले जत्थे की तैनाती

चुनाव आयोग ने 11 अप्रैल से शुरू हो रहे लोकसभा चुनावों से पहले पश्चिम बंगाल के कई जिलों में केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की सात कंपनियों की शुक्रवार को तैनाती की। अतिरिक्त मुख्य चुनाव अधिकारी संजय बसु ने कहा कि दक्षिण 24 परगना जिले एवं कोलकाता में शुक्रवार देर रात तक तीन और कंपनियों की तैनाती की जाएगी। 

उत्तरी दिनाजपुर, मालदा, मुर्शीदाबाद, बीरभूम, पूर्वी मिदनापुर, पश्चिमी मिदनापुर एवं उत्तर 24 परगना जिलों में इन सात कंपनियों की तैनाती की गई है। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की 10 कंपनियों के कर्मी मतदाताओं के बीच भरोसा जगाने के लिए निश्चित संवेदनशील स्थानों की नियमित गश्त करेंगे। हालांकि, बसु ने बताया कि पूर्व की हिंसक घटनाओं समेत अन्य कारकों के आधार पर संवेदनशील इलाकों की संख्या का अब भी आकलन किया जा रहा है।

तृणमूल कांग्रेस का 48 घंटे का धरना शुरू

सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में सभी मतदान केंद्रों को अति संवेदनशील घोषित करने की अपील कर राज्य की छवि धूमिल करने की भाजपा की कथित कोशिश के खिलाफ 48 घंटे का धरना शुक्रवार को शुरू किया। तृणमूल की महिला कार्यकर्ता यहां एस्प्लानेड में धरने पर बैठीं। हालांकि, भाजपा ने इस धरने को ड्रामा करार दिया है।

तृणमूल कांग्रेस की महिला शाखा की प्रमुख चंद्रिमा भट्टाचार्य ने दावा किया कि भाजपा का पश्चिम बंगाल में आधार नहीं है, उसके बाद भी वह केंद्रीय बलों का इस्तेमाल कर चुनाव जीतने की उम्मीद कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा और उसके नेता सपनों की दुनिया में खोए हुए हैं। उन्होंने कहा, बंगाल में कानून व्यवस्था अच्छी है। उसके बाद भी भाजपा मांग कर रही है कि राज्य को अतिसंवेदनील घोषित किया जाए।

भट्टाचार्य ने सवाल किया कि क्या यह पश्चिम बंगाल के लोगों का अपमान नहीं है। उन्होंने कहा, हम अपने राज्य की छवि धूमिल करने की किसी भी कोशिश का विरोध करेंगे। भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ हाथों में तख्तियां ले हुईं महिला तृणमूल कार्यकर्ताओं ने केंद्र के विरूद्ध नारेबाजी की। तृणमूल के धरने पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि पार्टी (तृणमूल कांग्रेस) को तय करना है कि वह चुनाव लड़ना चाहती है या फिर धरना जारी रखना चाहती है।

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  • Web Title:TMCs distinct on deployment of central forces is not correct says BJP