Till we get clarification on Supreme Court s previous order it is not appropriate to take floor test says siddharamiah - Karnataka Floor Test: सिद्धारमैया बोले, SC के पिछले आदेश के स्पष्टीकरण तक फ्लोर टेस्ट करना उचित नहीं DA Image
15 नबम्बर, 2019|11:34|IST

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Karnataka Floor Test: सिद्धारमैया बोले, SC के पिछले आदेश के स्पष्टीकरण तक फ्लोर टेस्ट करना उचित नहीं

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कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी को कांग्रेस-जद(एस) गठगबंधन सरकार के महज 14 महीने पूरे होने के बाद ही गुरुवार को विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव रखना पड़ा। विश्वास मत की बहस के दौरान कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने कहा कि जब तक हमें सुप्रीम कोर्ट के पिछले आदेश के बारे में स्पष्टीकरण नहीं मिल जाता है, तब तक इस सत्र में फ्लोर टेस्ट कराना उचित नहीं होगा। यह संविधान के खिलाफ है। 

कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि अगर हम विश्वास प्रस्ताव के लिए आगे बढ़ते हैं तो बागी विधायक सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कारण सदन में नहीं आ पाएंगे। यह गठबंधन की सरकार के लिए बड़ा नुकसान होगा। कांग्रेस के एक अन्य नेता डी के शिवकुमार ने विधानसभा में कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते, विपक्ष के नेता होने के नाते, वह (बीएस येदियुरप्पा) देश को गुमराह कर रहे हैं, अदालत को गुमराह कर रहे हैं।

Karnataka floor test: कुमारस्वामी का येदियुरप्पा पर तंज, 'काफी जल्दबाजी में दिख रहे'

बता दें कि सत्तारूढ़ गठबंधन में संख्याबल कम होने पर कुमारस्वामी एक पंक्ति का प्रस्ताव लाये और उन्होंने कहा कि सदन ने उनके नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में विश्वास जताया। जैसे ही प्रस्ताव लाया गया विपक्षी भाजपा नेता बी एस येद्दियुरप्पा खड़े हो गए और उन्होंने कहा कि विश्वास मत की प्रक्रिया एक ही दिन में पूरी होनी चाहिए। इस पर कुमारस्वामी ने येद्दियुरप्पा पर तंज कसते हुए कहा, 'विपक्ष के नेता काफी जल्दबाजी में दिख रहे हैं।'
    
भाजपा इस बात को लेकर आशंकित है कि सत्तारूढ़ गठबंधन मतदान होने से पहले संख्याबल को मजबूत करने के अंतिम प्रयास में जितना संभव हो सके उतना समय बिताने के लिए बहस को लंबा खींचने की कोशिश करेगा। कुमारस्वामी ने जोर दिया कि कांग्रेस-जद(एस) गठबंधन के बारे में संशय पैदा किया गया है और इसे देश के सामने लाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ''हमें सच बताना होगा। शक्ति परीक्षण से एक दिन पहले उच्चतम न्यायालय ने आदेश दिया कि कांग्रेस-जद(एस) के असंतुष्ट 15 विधायकों को राज्य विधानसभा के मौजूदा सत्र की कार्यवाही में भाग लेने के लिए बाध्य ना किया जाए।

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हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही स्थगित 

कनार्टक विधान परिषद में विपक्षी बीजेपी के सदस्यों के मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी से इस्तीफे की मांग को लेकर सदन में धरना देने तथा हंगामे के कारण गुरुवार को सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गयी। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा सदस्य सदन के बीचोबीच आ गये तथा दावा करने लगे कि 15 विधायकों के विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफे देने के बाद गठबंधन सरकार अल्पमत में आ चुकी है। भाजपा के सदस्य सरकार विरोधी नारे लगाते हुए कुमारस्वामी के अविलंब इस्तीफे की मांग करने लगे। 
भाजपा विधायकों के हाथों में तख्तियां थीं जिन पर लिखा था कि अल्पमत की सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है और कुमारस्वामी को अल्पमत सरकार चलाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

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