खेल : टेस्ट क्रिकेट मेरे खून में बसा है : तिलक
भारत के टी-20 उपकप्तान तिलक वर्मा का सपना टेस्ट क्रिकेट खेलना है। उन्होंने कहा कि लाल गेंद क्रिकेट उनके खून में है और वे इससे बहुत प्यार करते हैं। आईपीएल में सफेद गेंद के प्रदर्शन के बावजूद, उन्हें घरेलू स्तर पर लाल गेंद क्रिकेट खेलने का इंतजार है। वे भारतीय टेस्ट टीम में जगह बनाना चाहते हैं।

बेंगलुरु, एजेंसी। प्रत्येक युवा खिलाड़ी की तरह भारत की टी-20 टीम के उपकप्तान तिलक वर्मा का सपना भी टेस्ट क्रिकेट में खेलना है। उनका मानना है कि खेल का सबसे लंबा प्रारूप उनके खून में रचा बसा है। उन्होंने अपनी टीम को जीत दिलाने के बाद कहा, मुझे शुरू से ही लाल गेंद से क्रिकेट खेलना पसंद रहा है। मैंने कभी भारत के लिए सीमित ओवरों की क्रिकेट खेलने का सपना नहीं देखा था, लेकिन ईश्वर की यही इच्छा थी। मैंने भारत के लिए टी20 और वनडे में पदार्पण किया है, लेकिन लाल गेंद की क्रिकेट मेरा मजबूत पक्ष रहा है।''
उन्होंने कहा, मैंने कड़ी मेहनत की है। शायद जब मैं 10 साल का था तब से मैं कड़ी मेहनत कर रहा हूं और अब मैं 23 साल का हूं। मुझे आईपीएल की वजह से सफेद गेंद वाले प्रारूप में चुना गया। लेकिन उससे पहले मैंने लाल गेंद की क्रिकेट में काफी अनुभव हासिल कर लिया था। लंबी अवधि का प्रारूप मेरा मजबूत पक्ष रहा है और मुझे टेस्ट क्रिकेट खेलना बहुत पसंद है। यह कुछ ऐसा है जो हमेशा से मेरे खून में रहा है। अभी मैं देश के लिए टी-20 और वनडे मैचों में खेल रहा हूं, लेकिन मुझे लाल गेंद से क्रिकेट खेलना बहुत पसंद है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में व्यस्त होने के कारण मेरे पास घरेलू स्तर पर प्रथम श्रेणी क्रिकेट में खेलने का बहुत ज्यादा समय नहीं है। मैं पिछले तीन-चार वर्षो से रणजी ट्रॉफी में खेलने का प्रयास कर रहा था। लेकिन अंतरराष्ट्रीय मैचों के व्यस्त कार्यक्रम की वजह से मुझे समय नहीं मिल पा रहा है। इसलिए मैं जितना संभव हो सके उतना लाल गेंद की क्रिकेट खेलने की कोशिश कर रहा हूं क्योंकि मैं उसमें रन बनाकर भारतीय टेस्ट टीम में भी जगह बनाना चाहता हूं।


