बाघ पकड़ने और वन अधिकारियों को बुलाने की मांग पर अड़े ग्रामीणों का हंगामा
पीलीभीत में बाघ के हमले में किसान मुंशी प्रसाद की मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने बाघ को पकड़ने की मांग को लेकर रामनगर मार्ग पर जाम लगा दिया। एसडीएम और सीओ के आश्वासन के बावजूद ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े हैं और आंदोलन जारी रखेंगे।
पीलीभीत। बाघ के हमले में किसान की मौत के बाद ग्रामीणों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। बाघ को पकड़ने और वन विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने शुक्रवार रात से रामनगर मार्ग पर जाम लगा दिया। शनिवार सुबह तक जाम जारी रहा। ग्रामीणों ने रस्सी लगाकर रास्ते को पूरी तरह बंद कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस भी ग्रामीणों के आक्रोश के आगे बेबस नजर आई। ग्रामीणों का कहना है कि बाघ को पकड़ने और वन अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग को लेकर वे लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।
एसडीएम और सीओ के आश्वासन के बावजूद ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत है और वन विभाग की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं होने तक वे आंदोलन जारी रखेंगे। बता दें कि शुक्रवार शाम गांव शांतिनगर निवासी मुंशी प्रसाद केले की फसल देखने जा रहे थे। इसी दौरान बाघ ने उन पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल मुंशी प्रसाद की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद से ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ आक्रोश है। ग्रामीण बाघ को जल्द पकड़ने की मांग कर रहे हैं।


