पूर्वी सिंहभूम के तीन बाल वैज्ञानिक जाएंगे जापान
भारत सरकार की इंस्पायर अवॉर्ड मानक योजना के तहत पूर्वी सिंहभूम के तीन छात्रों का चयन एनएलईपीसी प्रतियोगिता के लिए हुआ है। ये छात्र झारखंड का प्रतिनिधित्व करेंगे और उनके नवाचार मॉडल प्रदर्शित होंगे। इनकी सफलता पूरे जिले के लिए गर्व की बात है और इन्हें जापान भ्रमण का अवसर भी मिलेगा।

भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की प्रतिष्ठित इंस्पायर अवॉर्ड मानक योजना के तहत पूर्वी सिंहभूम के तीन मेधावी छात्रों का चयन राष्ट्र स्तरीय प्रदर्शनी एवं परियोजना प्रतियोगिता (एनएलईपीसी) के लिए हुआ है। नई दिल्ली के भारत मंडपम में 12 से 14 अक्तूबर तक होने वाली इस प्रतियोगिता में ये बाल वैज्ञानिक झारखंड का प्रतिनिधित्व करेंगे और अपने अनूठे नवाचार मॉडल प्रदर्शित करेंगे। झारखंड से चयनित कुल 30 विद्यार्थियों में पूर्वी सिंहभूम के इन छात्रों की सफलता को पूरे जिले के लिए बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मेधा का लोहा मनवाने वाले इन तीनों छात्रों को अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक अनुभव प्राप्त करने के लिए सकुरा साइंस एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत जापान भ्रमण का भी अवसर मिलेगा।
इस प्रतिष्ठित योजना के सत्र 2024-25 के दौरान जिले के विभिन्न सरकारी और निजी विद्यालयों से 13 विद्यार्थियों को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए शॉर्ट लिस्ट किया गया था। कड़े मूल्यांकन और प्रस्तुतीकरण के दौर से गुजरने के बाद इनमें से दो विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय मंच के लिए अपनी पक्की जगह बनाई है। इसके अलावा पिछले सत्र 2023-24 के उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर घाटशिला के एक छात्र का चयन भी राष्ट्रीय स्तर के लिए सुनिश्चित किया गया है। यह उपलब्धि हासिल करने वाले विद्यार्थियों में काशीडीह हाईस्कूल जमशेदपुर के शुभम, एटॉमिक एनर्जी सेंट्रल स्कूल तुरामडीह के श्रवण कुमार और संत नंदलाल स्मृति विद्या मंदिर घाटशिला के तुषार दास शामिल हैं। इन तीनों उभरते वैज्ञानिकों के राष्ट्रीय स्तर पर चयन से उनके विद्यालयों के साथ पूरे कोल्हान क्षेत्र में खुशी का माहौल है। शिक्षाविद और जिला प्रशासन का मानना है कि इन बच्चों का यह नवाचार न केवल क्षेत्र का नाम रोशन कर रहा है, बल्कि अन्य विद्यार्थियों को भी विज्ञान और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा। जापानी तकनीकी और वैज्ञानिक संस्कृति से रूबरू होने का यह अवसर इन छात्रों के भविष्य के अनुसंधान और तकनीकी करियर को एक नई दिशा प्रदान करेगा।


