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महाराष्ट्र, केरल और पंजाब चाहते हैं सभी लोगों के लिए वैक्सीन, कुछ तेज करना चाहते हैं टीकाकरण की रफ्तार

हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्ली Published By: Tej Singh
Wed, 17 Mar 2021 09:40 PM
कोरोना वैक्सीन
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ कोरोना की बढ़ती स्थिति को देखते हुए एक बैठक की। इस दौरान उन्होंने राज्यों से कहा कि वे कोविड-19 की दूसरी लहर से निपटने के लिए त्वरित और निर्णायक कदम उठाएं। इस बीच बैठक में कम से कम तीन राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने पीएम मोदी से वर्तमान में अधिक से अधिक लोगों के टीकाकरण की अनुमति देने का आग्रह किया। राज्यों का कहना है कि इन परिस्थितियों में 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के साथ-साथ 45 साल से अधिक लोगों के लिए भी टीकाकरण कार्यक्रम का विस्तार किया जाना चाहिए। ऐसे में इन राज्यों ने प्रधानमंत्री से कोविड टीकों की अधिक से अधिक खुराक की मांग की है।

मुख्यमंत्रियों ने यह भी कहा कि वे टीकाकरण में सुधार करने के लिए टीकाकरण केंद्रों को बढ़ाने के लिए भी तैयार हैं, खासकर निजी अस्पतालों में। उन्होंने कहा कि 2020 में लगाए गए सख्त कोरोना लॉकडाउन को लागू करने के बजाय टीकाकरण के विस्तार से कोविड-19 के प्रसार को रोकने में काफी मदद मिलेगी। कुछ राज्यों की ओर से यह भी सुझाव आया कि नए लक्ष्यों को पूरा करने के लिए वैक्सीन के मैनुफैक्चरिंग को भी बढ़ाया दिया जाना चाहिए।

इस बीच महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे बड़ी संख्या में कोविड मरीजों से प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित किया।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने प्रतिदिन 3,00,000 टीकों के अपने नए लक्ष्य को पूरा करने के लिए टीकों के अतिरिक्त स्टॉक की मांग की, जो कि इन राज्यों में फिलहाल हो रहे टीकाकरणों से लगभग दोगुना है।

सीएम उद्धव ठाकरे ने सीएमओ के एक बयान के अनुसार बताया, “कई निजी अस्पतालों ने आगे आकर अपना पंजीकरण कराया है, लेकिन उनकी समग्र तैयारी को देखते हुए उन्हें टीकाकरण संख्या बढ़ाने के लिए काम करने की अनुमति दी जाएगी। दैनिक टीकाकरण को 300,000 तक ले जाने का प्रयास किया जाएगा।" 

महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र से कहा कि वह निजी अस्पतालों के लिए 100 बेड वाले अस्पतालों की बजाय टीकाकरण के उद्देश्य से 50 बेड वाले अस्पतालों को भी अनुमति दे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मुंबई में राज्य के स्वामित्व वाली अनुसंधान संस्थान हैफकिन बायो फार्मास्युटिकल कॉर्पोरेशन लिमिटेड को भी कोवैक्सिन के निर्माण की अनुमति दी जानी चाहिए, क्योंकि राज्य हैफकिन के साथ मिलकर 126 मिलियन टीके का उत्पादन कर सकता है।

स्वास्थ्य मंत्री राजेश तोपे ने कहा, “हमने मांग की है कि अगर भारत बायोटेक (जो कोवाक्सिन का निर्माण करता है) द्वारा हैफकिन संस्थान को प्रौद्योगिकी हस्तांतरण किया जा सकता है, तो हम इसका निर्माण स्वयं भी कर सकते हैं।"

इसके अलावा पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्र से आग्रह किया कि वे चयनित क्षेत्रों में सभी आयु समूहों के लोगों के टीकाकरण की अनुमति दें, जहां कोविड संक्रमण दर अधिक है। उन्होंने स्कूल और कॉलेज के छात्रों और शिक्षकों, न्यायाधीशों, बस चालकों और कंडक्टरों और निर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए व्यवसाय-आधारित टीकाकरण का भी आह्वान किया।

पंजाब में सक्रिय कोविड मामलों में 12,616 तक की वृद्धि हुई है। वहीं रोजाना की पॉजिटिविटी रेट 5% से अधिक हो गई है। ऐसे में सीएम ने कहा कि नए मालों में से आधे 40 साल से कम उम्र के हैं, इसलिए उन्हें चुनिंदा क्षेत्रों में टीकाकरण की अनुमति दी जानी चाहिए। राज्य सरकार ने पहले ही लुधियाना में युवा लोगों का टीकाकरण शुरू कर दिया है।

वहीं, केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन उत्तर केरल राज्य के पर्यटन मंत्री कडकंपल्ली सुरेंद्रन के साथ चुनाव प्रचार में व्यस्त थे। ऐसे में, मुख्य सचिव वी पी जॉय ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा देश में कोविड -19 की स्थिति पर चर्चा के लिए बुलाई गई वर्चुअल बैठक में भाग लिया।

बैठक में केरल ने और अधिक टीकों की मांग के साथ, अधिक से अधिक लोगों को वैक्सीन देने के लिए आयु प्रतिबंधों में ढील देने की मांग की है। इस दौरान सुरेंद्रन ने कहा, “हमने महामारी को नियंत्रित करने के लिए किए गए उपायों के बारे में पीएम को अवगत कराया है।" बुधवार को राज्य में 3.49 की पॉजिटिविटी रेट के साथ 2098 नए मामले दर्ज किए गए।

बैठक के बाद येदियुरप्पा ने राज्य ने वृद्धावस्था वाले घरों, अपार्टमेंट परिसरों और अन्य दुर्गम क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं के लिए टीकाकरण केंद्र स्थापित करने की अनुमति भी मांगी है।

इसके अलावा बिहार, राजस्थान, आंध्र प्रदेश जैसे कुछ राज्यों के मुख्यमंत्री ने बैठक में कुछ खास नहीं बोले। वहीं, कुछ अन्य राज्यों जैसे केरल, पश्चिम बंगाल और असम के अधिकारियों ने इस बैठक में हिस्सा लिया, जहां सीएम चुनाव प्रचार में व्यस्त थे।

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