ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News देशदिल्ली, पंजाब में लिखे खालिस्तान समर्थक नारे, पकड़े गए आतंकी पन्नू के तीन गुर्गे

दिल्ली, पंजाब में लिखे खालिस्तान समर्थक नारे, पकड़े गए आतंकी पन्नू के तीन गुर्गे

गुरपतवंत सिंह पन्नू अमेरिका स्थित अलगाववादी समूह सिख फॉर जस्टिस के संस्थापकों में से एक हैं और अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन में सिखों के लिए एक अलग देश (खालिस्तान) की सक्रिय रूप से पैरवी कर रहे हैं।

दिल्ली, पंजाब में लिखे खालिस्तान समर्थक नारे, पकड़े गए आतंकी पन्नू के तीन गुर्गे
Amit Kumarलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीTue, 14 May 2024 03:51 PM
ऐप पर पढ़ें

प्रतिबंधित अलगाववादी समूह सिख ऑफ जस्टिस (SFJ) के तीन कार्यकर्ताओं को दिल्ली और पंजाब के बठिंडा में सार्वजनिक स्थानों पर खालिस्तान समर्थक नारे लिखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने कहा कि गिरफ्तारियां बठिंडा पुलिस और उसकी काउंटर-इंटेलिजेंस विंग द्वारा की गईं हैं।

पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने बताया कि काउंटर इंटेलिजेंस बठिंडा और बठिंडा पुलिस ने पंजाब और दिल्ली सहित विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर खालिस्तान समर्थक नारे लिखने के आरोप में न्यूयॉर्क स्थित मास्टरमाइंड गुरपतवंत सिंह पन्नू द्वारा समर्थित तीन एसजेएफ कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है।

डीजीपी ने बताया कि 27 अप्रैल को जिला प्रशासनिक परिसर और न्यायालय परिसर, बठिंडा की दीवारों पर खालिस्तानी समर्थक नारे लिखे गए थे। इसी प्रकार 9 मई को दिल्ली के झंडेवालान मेट्रो स्टेशन और करोल बाग मेट्रो स्टेशन पर खालिस्तानी समर्थक नारे लिखे गए और ये तस्वीरें/वीडियो गुरपतवंत सिंह पन्नू को भेजी गईं। उन्होंने बताया कि मामले को सुलझाने के लिए पेशेवर और वैज्ञानिक तरीके से जांच की गई है। गुरपतवंत सिंह पन्नू अमेरिका स्थित अलगाववादी समूह सिख फॉर जस्टिस के संस्थापकों में से एक हैं और अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन में सिखों के लिए एक अलग देश (खालिस्तान) की सक्रिय रूप से पैरवी कर रहे हैं।

करोल बाग मेट्रो स्टेशन के पास एक इमारत के एक सुरक्षा गार्ड ने कहा कि जब वह रविवार सुबह ड्यूटी पर आया तो उसने मेट्रो स्टेशन के खंभों पर काले रंग से कुछ लिखा हुआ देखा। सुरक्षा गार्ड बजरंगी ने एएनआई से बात करते हुए कहा, "मैं सुबह 8 बजे ड्यूटी पर आया और देखा कि मेट्रो स्टेशन के खंभों पर काले रंग में कुछ लिखा हुआ था। वहां भारी भीड़ जमा हो गई थी और नारे पढ़ रहे थे।"