आचार्य का आचरण एवं शिक्षण राष्ट्र के भविष्य का करती है निर्माण
तिर्वा में सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में तीन दिवसीय आचार्य विकास कार्यक्रम का समापन हुआ, जिसमें सर्वांगिण विकास तथा व्यक्तित्व निर्माण पर चर्चा की गई। विद्या भारती कानपुर प्रांत के प्रमुख हीरालाल चैरसिया ने शिक्षकों के लिए विभिन्न विधाओं में प्रशिक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। सभी आचार्य ने शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण का संकल्प लिया।

तिर्वा, संवाददाता। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में तीन दिवसीय आचार्य विकास का समापन के समय में सर्वांगिण विकास पंचकोषात्मक विकास पर मंतन किया गया। कस्बे में संचालित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में तीन दिवसीय संकुल स्तरीय आचार्य विकास वर्ग का समापन किया गया। अंतिम दिवस के प्रशिक्षण पर शिक्षा के विविध आयामों तथा व्यक्तित्व निर्माण के व्यवहारिक पहलुओं पर चर्चा की गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्या भारती कानपुर प्रांत के प्रमुख हीरालाल चैरसिया ने कहा कि विषय विषेशज्ञों को विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण अतिआवश्यक है। इस अवसर पर इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रोफेसर अनुराग शुक्ला ने गणित व सुशील त्रिपाठी ने सामाजिक विज्ञान, भीष्म प्रसाद ने अंग्रेजी एवं ज्ञानेश जी ने हिंदी शिक्षण की नवीन तकनीकों एवं सूक्ष्म विंदुओं पर विस्तार से चर्चा की।
समापन को संबोधित करते हुए हीरालाल ने कहा कि आचार्य का मार्ग राष्ट्र की दिशा तय करता है। इस अवसर पर सभी आचार्यां ने संकल्प लिया कि वह भारतीय संस्कृति एवं जीवन मूल्यों पर आधारित शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया को सशक्त बनाने का कार्य करता है। इस अवसर पर सैकडों आचार्य व विद्या भारतीय के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।


