डकैती के दौरान दो लोगों की हत्या के मामले में तीन दोषियों को आजीवन कारावास
सकीट थाना क्षेत्र में 2017 में हुई डकैती और दो लोगों की हत्या के मामले में शनिवार को अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराया। विशेष न्यायालय ने उन्हें आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त अवधि तक जेल में रहना होगा।

सकीट थाना क्षेत्र में वर्ष 2017 में हुई डकैती और दो लोगों की गोली मारकर हत्या के मामले में शनिवार को अदालत ने फैसला सुनाया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने तीन आरोपियों को दोषी माना। तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है साथ ही अर्थदंड से दंडित किया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त समय तक जेल में रहना होगा। विशेष लोक अभियोजक प्रवेश भारद्वाज के अनुसार पुरुषोत्तम सिंह निवासी नगला काजी सकीट ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 27 अक्तूबर 2017 को बदमाश घर में घुस आए और घर में घुसकर लूट की थी।
इसी दौरान पत्नी लाडवती, बेटा विश्वनाथ जाग गया था। बदमाशों ने दोनों को गोली मार दी थी और दो लाख रुपये, लाखों के जेवरात लूट ले गए थे। घायलों की बाद में मौत हो गई थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरु की।विवेचना में मुरलीधर पुत्र सरमन सिंह, कैलाश पुत्र मुरलीधर निवासी नूरपुर थाना सकीट तथा गोविंद पुत्र रामवीर सिंह निवासी कलानी थाना सिढ़पुरा कासगंज के विरूद्ध चार्जशीट दाखिल की। मामले में एक फरवरी 2018 को आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। शनिवार को दोनों पक्ष के अधिवक्ताओं ने दलील पेश की। दलील सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र, त्वरित न्यायालय द्वितीय सुधा ने आरोपी मुरलीधर, कैलाश और गोविंद को दोषी माना। दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई साथ ही 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। अर्थदंड अदा न करने पर एक साल अतिरिक्त सजा काटनी होगी।


