हाथी न घोड़ा, न कवनो सवारी... पैदल ही अइबो तोर दुआरी हे भोलेनाथ
पहलेजा घाट पर सावन की पहली सोमवारी को हजारों शिवभक्तों ने गंगा में स्नान कर कांवर में जल भरकर बाबा गरीबनाथ धाम की ओर 65 किलोमीटर की यात्रा शुरू की। कांवर यात्रा का यह पहला जत्था विभिन्न क्षेत्रों से आया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन ने विशेष तैयारी की है।

बोल बम के जयघोष से गूंजा पहलेजा घाट, आस्था की डगर पर बढ़ चले हजारों शिवभक्त पहलेजा घाट से कांवरियों का अनवरत प्रवाह, बाबा हरिहरनाथ के दरबार में उमड़ी श्रद्धा फोटो-13 : पहलेजा घाट धाम में शुक्रवार को दक्षिणवाहिनी गंगा नदी में स्नान कर कांवर में जल भरने पहुंचे हजारों कांवरिये। फोटो-14 : पहलेजा घाट धाम में शुक्रवार को कांवर के साथ बाबा गरीबनाथ धाम के लिए प्रस्थान करते कांवरिये किसी पेज की लीड लगाएं छपरा , हमारे प्रतिनिधि। "हाथी न घोड़ा, न कवनो सवारी... पैदल ही अइबो तोर दुआरी हे भोलेनाथ..." भोजपुरी भक्ति गीत की यही पंक्तियां शुक्रवार को पहलेजा घाट की फिजाओं में गूंजती रहीं। सावन की पहली सोमवारी को लेकर शिवभक्तों की अटूट आस्था पहलेजा घाट पर सैलाब बनकर उमड़ी। अहले सुबह से ही हजारों श्रद्धालुओं ने दक्षिणवाहिनी गंगा में आस्था की डुबकी लगाई, संकल्प लिया और कांवर में गंगाजल भरकर बाबा गरीबनाथ धाम, मुजफ्फरपुर की ओर करीब 65 किलोमीटर की पैदल यात्रा शुरू कर दी। कांवर यात्रा में शामिल कांवरियों का यह पहला जत्था है। भगवा वस्त्रों में सजे शिवभक्तों का उत्साह कांवर पथ पर हर ओर बोल बम, हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष गूंजते रहे। भगवा वस्त्रों में सजे शिवभक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था। सारण, वैशाली, मुजफ्फरपुर, शिवहर, समस्तीपुर, पटना सहित उत्तर प्रदेश के बलिया, गोरखपुर, आजमगढ़ और जौनपुर से आए हजारों कांवरियों ने पहलेजा घाट को शिवमय बना दिया। हरिहरनाथ के दर्शन के बाद गरीबनाथ धाम की ओर बढ़े श्रद्धालु सावन में उत्तर बिहार के प्रमुख शिवधाम बाबा गरीबनाथ मंदिर तक पहुंचने वाले अधिकांश कांवरिये पहलेजा घाट से गंगाजल भरते हैं। पहलेजा घाट से जल भरने के बाद कांवरिये पुरानी रेलवे लाइन से जहांगीरपुर, वहां से भरपुरा महारानी चौक होते हुए निचली सड़क मार्ग से सोनपुर स्थित बाबा हरिहरनाथ मंदिर पहुंच रहे हैं। इसके बाद वे रविवार की देर रात मुजफ्फरपुर पहुंचेंगे और सोमवार सुबह बाबा गरीबनाथ का जलाभिषेक करेंगे। यह कांवर यात्रा पहलेजा घाट से शुरू होकर सोनपुर, वैशाली जिले के हाजीपुर, सराय, भगवानपुर, गोरौल , मुजफ्फरपुर के कुढ़नी, तुर्की और रामदयालु नगर होते हुए बाबा गरीबनाथ मंदिर तक पहुंचती है। स्थानीय पंडित विश्वनाथ तिवारी ने कहा कि हजारों कदमों की यह पदयात्रा केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि अटूट विश्वास, समर्पण और शिवभक्ति का जीवंत उत्सव है।
ड्रोन शो और लेजर लाइट का मिलेगा अलौकिक अनुभव
इस बार श्रावणी मेले में पहलेजा घाट से बाबा गरीबनाथ धाम तक के कांवर पथ को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। श्रद्धालुओं को ड्रोन शो और लेजर लाइट का अलौकिक अनुभव मिलेगा। साथ ही डिजिटल डिस्प्ले के माध्यम से महत्वपूर्ण जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएंगी। कांवरियों की सुविधा के लिए मार्ग में विश्राम स्थल और टेंट सिटी बनाई जा रही है। पूरे यात्रा मार्ग पर लगभग 300 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और सुनसान इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। सुरक्षा और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम कांवरियों की सुरक्षा और सुविधा को लेकर जिला प्रशासन और मंदिर न्यास समिति पूरी तरह मुस्तैद रही। पहलेजा घाट और कालीघाट पर शुद्ध पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, शौचालय, चेंजिंग रूम, रैन बसेरा, चिकित्सा शिविर, एंबुलेंस और कांवर पथ की मरम्मत सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। गंगा और गंडक नदी के घाटों पर बैरिकेडिंग, नाव, गोताखोरों और एसडीआरएफ की टीम तैनात की गई है। भीड़ नियंत्रण के लिए दंडाधिकारी के नेतृत्व में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। पहलेजा थानाध्यक्ष संदीप कुमार, अपर थानाध्यक्ष जनार्दन प्रजापति व पहलेजा धाम मेला विकास समिति के गैर-सरकारी अध्यक्ष लालबाबू राय ने बताया कि सैकड़ों कांवरिये बाबा गरीबनाथ धाम के लिए रवाना हो चुके हैं और उनके प्रस्थान का सिलसिला लगातार जारी है।
ड्रोन कैमरे से होगी भीड़ की निगरानी
मंदिर न्यास समिति के सचिव विजय कुमार सिंह 'लल्ला', कोषाध्यक्ष निर्भय कुमार और सह-कोषाध्यक्ष मिथिलेश कुमार ने बताया कि बाबा हरिहरनाथ मंदिर में उमड़ने वाली भीड़ की निगरानी ड्रोन कैमरे से की जाएगी। सप्ताह में तीन दिन अर्घा के माध्यम से बाबा हरिहरनाथ को जल अर्पित करने की व्यवस्था की गई है। गर्भगृह में श्रद्धालुओं का प्रवेश नहीं होगा। एसडीओ स्निग्धा नेहा, एसडीपीओ सुमित कुमार आर्य और कार्यपालक दंडाधिकारी रामजी पासवान ने अधिकारियों के साथ कालीघाट और पहलेजा घाट धाम में कांवरियों के लिए की गई तैयारियों का निरीक्षण किया।
डाकबम कांवरियों को रिस्ट बैंड से मिलेगा सीधे प्रवेश का लाभ
कांवरियों के लिए सारण प्रशासन की विशेष व्यवस्था लालू यादव चौक पर कंट्रोल रूम व अस्थायी चिकित्सालय छपरा, हमारे प्रतिनिधि। श्रावणी मेला-2026 के सफल, सुरक्षित व सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर सारण जिला प्रशासन ने डाकबम कांवरियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं। रविवार को डाकबम कांवरियों का जत्था रवाना होगा। जिला पदाधिकारी के निर्देश पर श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और त्वरित सहायता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। डाकबम कांवरियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक रविवार को लालू यादव चौक पर रिस्ट बैंड (रिबन) का वितरण किया जाएगा। प्रशासन के अनुसार, रिस्ट बैंड प्राप्त करने वाले डाकबम कांवरियों को मुजफ्फरपुर स्थित बाबा गरीबनाथ मंदिर में सीधे प्रवेश की सुविधा मिलेगी। इससे उन्हें लंबी कतार में लगने से राहत मिलेगी और वे सुगमता से जलार्पण कर सकेंगे। प्रशासन की ओर से लालू यादव चौक पर नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) व अस्थायी चिकित्सालय की स्थापना की गई है। यहां कांवरियों को आवश्यक चिकित्सा सुविधा, प्राथमिक उपचार और अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासनिक पदाधिकारी और कर्मी लगातार निगरानी करेंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके। जिला प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे श्रावणी मेले के दौरान जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और शांतिपूर्ण जलार्पण सुनिश्चित करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इनसेट पहलेजा से कांवर यात्रा की क्या है मान्यता
मुजफ्फरपुर के बाबा गरीबनाथ मंदिर से जुड़ी मान्यता के अनुसार, कई दशक पहले हरिहर तमोली नामक व्यक्ति अपने पांच साथियों के साथ पहली बार पहलेजा घाट से गंगाजल लेकर बाबा गरीबनाथ का जलाभिषेक करने पहुंचे थे। इसी घटना के बाद पहलेजा घाट से बाबा गरीबनाथ धाम तक कांवर यात्रा की परंपरा शुरू हुई। समय के साथ श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती गई और अब सावन के दौरान करीब 10 लाख कांवरिये यहां से जल लेकर बाबा गरीबनाथ का जलाभिषेक करने पहुंचते हैं।


