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हिंदी न्यूज़ देशडरा रहे 'तीसरी लहर' के आंकड़े, बच्चों और बुजुर्गों को नहीं इस उम्र के लोगों को ज्यादा खतरा

डरा रहे 'तीसरी लहर' के आंकड़े, बच्चों और बुजुर्गों को नहीं इस उम्र के लोगों को ज्यादा खतरा

हिन्दुस्तान टाइम्स,नई दिल्लीGaurav Kala
Fri, 14 Jan 2022 09:02 PM
डरा रहे 'तीसरी लहर' के आंकड़े, बच्चों और बुजुर्गों को नहीं इस उम्र के लोगों को ज्यादा खतरा

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ओमिक्रॉन देशभर में कहर बरपा रहा है। कोरोना के नए केस पिछले दिन के मुकाबले ज्यादा और डराने वाले हैं। इस बीच कोरोना मामलों को लेकर एक नया आंकड़ा सामने आया है। जिसमें ये बात सामने आई है कि तीसरी लहर में किस उम्र के लोगों को ज्यादा खतरा है। इन आंकड़ों से पता लगता है कि बच्चे और बुजुर्ग नहीं 21 से 40 साल उम्र के लोग तीसरी लहर का प्रकोप झेल रहे हैं। नवी मुंबई नगर निगम के आंकड़े इस बात की तस्दीक दे रहे हैं। नए साल से इस आयु वर्ग के लोगों को कोरोना ने ज्यादा संक्रमित किया है। 

नवी मुंबई नगर निगम की ओर से जारी इन आंकड़ों ने इस भविष्यवाणी को खारिज कर दिया है कि तीसरी लहर में सबसे ज्यादा प्रभावित बच्चे और बुजुर्ग होंगे। जब मार्च 2020 में महामारी शुरू हुई थी तो इस महाप्रकोप की चपेट में आने वालों में सबसे अधिक 45-65 वर्ष के आयु वर्ग के लोग थे। नवी मुंबई नगर निगम के आयुक्त अभिजीत बांगर का कहना है कि यह शायद साल के अंत में छुट्टियों के मौसम की वजह से है। उन्होंने कहा कि 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में संक्रमण की संख्या 30% से अधिक नहीं है, जबकि 18 से कम उम्र के लोग कुल सक्रिय मामलों का 10% हैं।

बांगर ने कहा कि दूसरी लहर के दौरान 45-65 वर्ष का आयु वर्ग ज्यादा प्रभावित था जबकि अब तीसरी लहर के दौरान यह पिछले की तुलना में छोटा है। हालांकि बाल चिकित्सा मामलों की रिपोर्ट की जाती है, लेकिन यह वैसा नहीं है जैसा कि आशंका थी। 

आंतरिक चिकित्सा, फोर्टिस हीरानंदानी अस्पताल के निदेशक डॉ. फराह इंगले ने कहा कि पहली लहर के दौरान हमने देखा कि 40-60 वर्ष की आयु के रोगी संक्रमित थे क्योंकि वे मौजूदा कॉमरेडिडिटी के कारण अधिक जोखिम में थे। उनमें से अधिकांश को दूसरी लहर द्वारा टीका लगाया गया था, इसलिए मध्यम आयु वर्ग जिसे टीका नहीं लगाया गया था, वह संक्रमित था। वर्तमान स्थिति में युवा आबादी न्यू ईयर सेलिब्रेशन, क्रिसमस जैसे सामाजिक त्योहारों और सैर-सपाटे आदि में व्यस्त रहे। इसलिए इस बार तीसरी लहर ने उन्हें ज्यादा प्रभावित किया है। इस बार कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन पिछले वैरिएंट की तुलना में ज्यादा तेज गति से फैल रहा है, इसलिए इस आयु वर्ग में संक्रमण के अधिक मामले देखे जा रहे हैं। 

मुंबई में घट रहे कोरोना केस
पिछले कुछ दिनों से, मुंबई की 24 घंटे की टैली में उतार-चढ़ाव हो रहा है, जिससे डेटा वैज्ञानिकों के लिए यह पता लगाना मुश्किल हो गया है कि शहर में तीसरी लहर कम हो रही है या नहीं। 20,000 का आंकड़ा पार करने के बाद, शहर की 24 घंटे की टैली घटकर 19,474 हो गई और फिर यह तेजी से गिरकर 13,648 और अब 11 हजार हो गई। 

दिल्ली में बढ़ी संक्रमण दर, कम हुए मामले
दिल्ली में पिछले 24 घंटों में 24,383 नए कोविड मामले दर्ज किए गए, जो कल की तुलना में 15.5% कम हैं। हालांकि इस दौरान राष्ट्रीय राजधानी में संक्रमण दर बढ़कर 30.64% हो गई है। दिल्ली में शुक्रवार की संक्रमण दर पिछले साल 1 मई के बाद सबसे अधिक है। तब यह 31.6% पहुंच गई थी। उस अवधि के दौरान, भारत दूसरी लहर से जूझ रहा था और देश भर के अस्पताल मरीजों के लिए बेड और मेडिकल ऑक्सीजन की व्यवस्था करने के लिए संघर्ष कर रहे थे। राष्ट्रीय राजधानी में पिछले 24 घंटों में 34 लोगों की मौत हुई है, जिससे मरने वालों की संख्या 25, 305 हो गई है।

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