जब लॉकडाउन शुरू हुआ उस समय रिकवरी रेट 7.1% थी आज रिकवरी रेट 39.62% है- स्वास्थ्य विभाग
देश में लॉकडाउन के बाजवदू कोरोना संक्रमण के लगातार मामले बढ़ रहे हैं और यह आंकड़ा दो दिन पहले ही 1 एक लाख के पार जा चुका है। उसके बावजूद कोरोना संक्रमण से भारत में मृत्युदर दुनिया के मुकाबले काफी है।...

देश में लॉकडाउन के बाजवदू कोरोना संक्रमण के लगातार मामले बढ़ रहे हैं और यह आंकड़ा दो दिन पहले ही 1 एक लाख के पार जा चुका है। उसके बावजूद कोरोना संक्रमण से भारत में मृत्युदर दुनिया के मुकाबले काफी है। ये कहना है केन्द्रीय स्वास्थ्य विभाग का। स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि कोविड-19 के चलते दुनियाभर में प्रतिलाख 4.2 लोगों की मौत हुई है। लेकिन, भारत में यह आंकड़ा अलग है।
लव अग्रवाल ने कहा कि भारत में प्रतिलाख सिर्फ 0.2 लोगों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि अगर पूरी दुनिया की आबादी को ले लें तो प्रति लाख में 62 लोग इससे प्रभावित हुए हैं जबकि भारत में कोविड-19 के चलते प्रतिलाख में सिर्प 7.9 लोग प्रभावित हैं।
लॉकडाउन के समय रिकवरी दर 7.1%, आज 39.62%
उन्होंने कहा कि भारत में जब लॉकडाउन शुरू हुआ तो रिकवरी दर 7.1 फीसदी थी, दूसरे लॉकडाउन के दौरान रिवरी लेट 11.42 फीसदरी रही और बाद में बढ़कर 26.59 फीसदी हो गई। आज रिकवरी रेट बढ़कर 39.62 फीसदी हो गई है। लव अग्रवाल ने कहा कि देश में कोविड-19 के 61,149 मरीजों का इलाज चल रहा है वहीं 42,298 लोग पूरी तरह ठीक हो चुके हैं।
कोविड-19 के जिन मरीजों का अस्पताल में इलाज चल रहा है उनमें से करीब 2.94 फीसदी को ऑक्सीजन की मदद की जरूरत है, तीन फीसदी को आईसीयू की और 0.45 फीसदी को वेंटीलेटर की मदद चाहिए।
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Rajesh KumarI am Rajesh Kumar working as Chief Content creator in live hindustan. In the field of media i am working from more than thirteen years, covering Political and social and other issues. you can also follow me on twitter @rajeshemmc
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