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Hindi News देश6 महीने बाद कब्र से निकाली गई लाश, हुए चौंकाने वाले खुलासे; रहस्य बनी है IIT खड़गपुर के छात्र की मौत

6 महीने बाद कब्र से निकाली गई लाश, हुए चौंकाने वाले खुलासे; रहस्य बनी है IIT खड़गपुर के छात्र की मौत

साल 2022 के अक्टूबर के दौरान आईआईटी खड़गपुर में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई थी। मशहूर संस्थान का छात्र फैजान अहमद अपने ही छात्रावास में मृत पाया गया था।

6 महीने बाद कब्र से निकाली गई लाश, हुए चौंकाने वाले खुलासे; रहस्य बनी है IIT खड़गपुर के छात्र की मौत
Himanshu Tiwariलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीFri, 14 Jun 2024 09:14 PM
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साल 2022 के अक्टूबर के दौरान आईआईटी खड़गपुर में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई थी। मशहूर संस्थान का छात्र फैजान अहमद अपने ही छात्रावास में मृत पाया गया था। अब इस मामले को लेकर अब कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। ऐसा बताया जा रहा है कि छात्र की हत्या की गई थी। दूसरी फोरेंसिक रिपोर्ट में पता चला है फैजान की गर्दन पर गोली लगने और चाकू के घोंपने के निशान थे। यह बात अदालत द्वारा नियुक्त फोरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. एके गुप्ता की दूसरी रिपोर्ट में सामने आई है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट की मानें तो डॉ. गुप्ता ने पिछले साल कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देश पर अहमद के शव का दूसरा पोस्टमार्टम किया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि अहमद की गर्दन पर बाईं ओर गोली लगने के निशान थे और दाईं ओर चाकू से वार के निशान थे। हालांकि, शुरुआती जांच के दौरान पुलिस ने इन चोटों का दस्तावेजीकरण नहीं किया और न ही अक्टूबर 2022 में मिदनापुर मेडिकल कॉलेज में किए गए पहले पोस्टमार्टम के दौरान उसकी रिकॉर्डिंग की गई। नए फोरेंसिक रिपोर्ट में कहा गया है कि अहमद के नाखूनों और बालों के टुकड़ों, उसकी रीढ़, जबड़े और पीठ की मांसपेशियों पर मानव रक्त के निशान पाए गए।

असम के तीसरे वर्ष के छात्र अहमद (23) को 14 अक्टूबर, 2022 को लाला लाजपत राय छात्रावास के एक कमरे में मृत पाया गया। यह वह कमरा नहीं था जो उसे आवंटित किया गया था। हालांकि शुरुआती रिपोर्टों से पता चला कि उसने आत्महत्या की है, लेकिन उसके परिवार ने गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि उसके साथ कैंपस में रैगिंग की गई थी। अहमद के पिता ने उसकी मौत की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन की मांग करते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया, जिसके बाद अदालत ने मई 2023 में उनके शव को खोदकर निकालने और दूसरी बार पोस्टमार्टम कराने का आदेश दिया।

डॉ. गुप्ता द्वारा की गई इस जांच से महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई। सबसे पहले, अहमद की खोपड़ी की दाहिनी टेम्पोरल हड्डी गायब थी, जो उसके शव की शुरुआती खोज के समय ली गई तस्वीरों से मेल खाती थी। दूसरा, रिपोर्ट ने जहर की संभावना को पूरी तरह से खारिज कर दिया। दूसरे पोस्टमार्टम से भी यह संकेत मिला कि अहमद की मौत संभवतः उसके सिर के पीछे लगी चोट के कारण हुई थी, जिसके कारण कलकत्ता उच्च न्यायालय ने कहा कि उसे आश्चर्य है कि पहले पोस्टमार्टम में चोट के निशान नहीं पाए गए। अब इस मामले की सुनवाई अगले सप्ताह कलकत्ता उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा की पीठ के समक्ष होगी।