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70 सालों की गंदगी दूर हो गई, 370 पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से खुश सेना के दिग्गज, बताया ऐतिहासिक

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद सशस्त्र बलों के दिग्गजों ने अनुच्छेद 370 के अंत की सराहना की। उन्होंने शीर्ष अदालत के इस फैसले को ऐतिहासिक भी बताया है।

70 सालों की गंदगी दूर हो गई, 370 पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से खुश सेना के दिग्गज, बताया ऐतिहासिक
Himanshu Tiwariलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीMon, 11 Dec 2023 06:30 PM
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सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर राज्य को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने के सरकार के फैसले को बरकरार रखा है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद सशस्त्र बलों के दिग्गजों ने अनुच्छेद 370 के अंत की सराहना की। उन्होंने शीर्ष अदालत के इस फैसले को ऐतिहासिक भी बताया है। पूर्व आर्मी चीफ वेद मलिक ने इस फैसले की तारीफ करते हुए एक्स पर लिखा, "अनुच्छेद 370 के अंत को देखकर खुशी हुई। निहित स्वार्थों द्वारा अक्सर इसकी गलत व्याख्या की गई। यह भारत के राष्ट्रीय हित और सुरक्षा में बाधक था।" पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल कंवल जीत सिंह ढिल्लों सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कहा कि अनुच्छेद 370 को जाना ही था। उन्होंने अपनी किताब की एक कतरन को सोशल मीडिया पर शेयर किया है।

शौर्य चक्र विजेता मेजर पवन कुमार ने अनुच्छेद 370 को पर सुप्रीम कोर्ट के फैसला आने के बाद मुण्डक-उपनिषद से लिया गया सत्यमेव जयते का सूत्रवाक्य लिखा। सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कर्नल एस डिन्नी ने एक्स पर लिखा, "जम्मू-कश्मीर का भारत के साथ सभ्यतागत एकीकरण हमेशा से था। भारत के साथ जम्मू-कश्मीर का संवैधानिक एकीकरण अब पूरा हो गया है। सचमुच ऐतिहासिक फैसला।" सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर जय कौल ने भी शीर्ष अदालत के फैसले को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने एक्स हैंडल पर लिखा, "सभी विवादों पर विराम लग गया। 70 वर्षों से अधिक समय से चली आ रही गंदगी दूर हो गई है। केंद्र की वर्तमान सरकार की एक साहसिक पहल को बरकरार रखा गया है। समय आ गया है कि राज्य के राजनीतिक दल चुनावी प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए कमर कस लें।"

अपना फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगले साल 30 सितंबर तक विधानसभा चुनाव कराने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए। शीर्ष अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा जल्द से जल्द बहाल किया जाए। भारत के चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने अपने और न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की ओर से फैसला सुनाते हुए कहा कि संविधान का अनुच्छेद 370 एक अस्थायी प्रावधान था और राष्ट्रपति के पास इसे रद्द करने की शक्ति है। शीर्ष अदालत ने पांच अगस्त, 2019 को जम्मू-कश्मीर से केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को अलग करने के फैसले की वैधता को भी बरकरार रखा।

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