कश्मीर में आतंकी पैदा कर रहे धार्मिक संस्थानों पर टेरर मॉनिटरिंग ग्रुप का होगा प्रहार, कई स्कूल रडार पर

पंकज कुमार पाण्डेय, हिन्दुस्तान,नई दिल्ली। Last Modified: Tue, Oct 13 2020. 05:54 IST
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कश्मीर में आतंकी पैदा कर रहे धार्मिक शिक्षण संस्थानों पर केंद्रीय एजेंसियां कार्रवाई करेंगी। शोपियां के स्कूल से जुड़े छात्रों के आतंकी संगठनों में शामिल होने की घटना सामने आने के बाद केंद्रीय एजेंसियों के राडार पर आसपास के जिलों के कई संस्थान हैं।

माना जा रहा कि इन्हें पाक समर्थित संगठनों से पैसा मिलता है। सूत्रों ने कहा कि टेरर मॉनीटररिंग ग्रुप के तहत कई केंद्रीय एजेंसियां काम कर रही हैं। सैकड़ों की संख्या में धार्मिक संस्थान इनके राडार पर हैं। ये ऐसे संस्थान हैं, जो जमात की विचारधारा से प्रेरित हैं। दक्षिण कश्मीर इनके खास निशाने पर हैं।

वित्तीय स्रोत खंगाले जा रहे
सूत्रों ने कहा कि टीएमजी (टेरर मॉनिटरिंग ग्रुप) का मुख्य काम इस तरह की गतिविधियों के वित्तीय स्रोत को खंगालकर उस पर प्रहार करना है। इसकी सक्रियता से ही कश्मीर में जिहादी पाठशालाओं का रहस्य सामने आ रहा है। सूत्रों ने कहा कि जमात से प्रेरित संगठन लगातार कट्टरता और आतंक के प्रसार की कोशिश में जुटे हैं।

समन्वित तरीके से काम कर रहीं केंद्रीय एजेंसियां
टीएमजी में सीबीआई, एनआईए, ईडी, सीबीडीटी और सीबीआईसी शामिल हैं। सूत्रों का कहना है कि इन एजेंसियों के (इसमें जम्मू-कश्मीर पुलिस भी शामिल है) समन्वित दृष्टिकोण से आतंकी फंडिंग पर काफी लगाम कसी गई है।

ग्राउंड वर्कर की निगरानी
पिछले साल राज्य प्रशासन ने ‘फलाह-ए-आम ट्रस्ट’ से जुड़े कई स्कूलों को नोटिस जारी किया और बंद करने का आदेश दिया था। एफएटी पहले जमात-ए-इस्लामी का ही हिस्सा हुआ करता था, लेकिन बाद में दोनों अलग हो गए। अब जमात और एफएटी के ग्राउंड वर्कर का डेटा तैयार करके इनकी गतिविधियों को खंगाला जा रहा है, जिससे पता लगे कि प्रतिबंध के बाद ये किन संगठनों के साथ जुड़े हुए हैं।

जिहादी संस्थाओं की जड़ पर होगा प्रहार
सूत्रों ने कहा कि स्कूल बंद करने के बाद नए नाम से संचालित होने लगते हैं, इसलिए इनके स्रोत को काटने का प्रयास हो रहा है। पाकिस्तान से अलग-अलग तरीकों से भेजे जा रहे पैसे को एजेंसियां लगातार ट्रैक कर रही हैं। सूत्रों ने कहा कि आतंकी पाठशालाओं पर नकेल की पूरी योजना पर काम चल रहा है। जल्द ही इसके कई स्रोत बेनकाब किए जाएंगे।

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