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उफ ये गर्मी: चढ़ते पारे से चटकने लगीं रेल पटरियां, सूखे की चपेट में देश का 42% हिस्सा

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बढ़े तापमान (Temperature) का असर ट्रेन संचालन पर भी पड़ने लगा है। पटरियां चटकने की घटनाएं बढ़ रही हैं। इसको देखते हुए रेलवे प्रशासन ने रनिंग स्टॉफ को अलर्ट जारी किया है। सुरक्षा को देखते हुए रेलवे ने सभी पथ निरीक्षकों को अलर्ट किया है कि दिन में 10 से शाम 4 बजे तक संवेदनशील ट्रैक प्वाइंटों की हर घंटे पेट्रोलिंग करें। इसके लिए हर किमी पर एक-एक गैंगमैन और कीमैन को मुस्तैद किया गया है। ये अपने सेक्शन के रेल पथ निरीक्षक (पीडब्ल्यूआई) से जुड़े रहेंगे। यदि कहीं ट्रैक फ्रैक्चर दिखता है तो तत्काल कीमैन या गैंगमैन रिपोर्ट देंगे। रेलवे का मानना है कि तापमान बढ़ने और घटने पर ट्रैक फ्रैक्चर की घटनाएं बढ़ना स्वाभाविक है। तापमान बढ़ता है तो पटरियां फैलती हैं और कम होता है तो सिकुड़ती हैं। वहीं, बढ़ती गर्मी के साथ-साथ सूखे का दायरा भी बढ़ रहा है। हर साल इसमें इजाफा हो रहा है। भारत का लगभग 42 फीसदी हिस्सा असामान्य रूप से सूखाग्रस्त है। यह पिछले साल की तुलना में छह फीसदी अधिक है। सूखा पूर्व चेतावनी प्रणाली (डीईडब्ल्यूएस) ने इसकी जानकारी दी है। 

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सूखे पर निगरानी रखने वाले डीईडब्ल्यूएस के 28 मई तक के आंकड़ों में असामान्य रूप से सूखाग्रस्त इलाके का हिस्सा बढ़कर 42.61 फीसदी हो गया है, जो एक हफ्ते पहले 21 मई को 42.18 फीसदी था। यह स्थिति 27 फरवरी को थोड़ी बेहतर थी, जब 41.30 फीसदी इलाका असामान्य रूप से सूखाग्रस्त था। सूखा सूचकांक बीते साल के मुकाबले बदतर हो गया है, जब देश का 36.74 फीसदी इलाका असामान्य रूप से 28 मई, 2018 को सूखे की चपेट में था।

40 फीसदी बढ़ गईं घटनाएं

रेलवे रिकॉर्ड के मुताबिक कानपुर सेंट्रल के चौतरफा सामान्य दिनों में 24 घंटे में औसतन ट्रैक फ्रैक्चर की तीन से चार घटनाएं होती हैं। अब ये घटनाएं पांच से छह हो रही हैं। इस तरह की घटनाएं पारा 40 पार होने या फिर 12 डिग्री से नीचे होने पर होती हैं। गर्मी हो या सर्दी। बारिश हो या धूप। सामान्य तापमान से रेलवे ट्रैक पर तापमान 5 डिग्री या इससे भी अधिक तापमान रहता है।

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उत्तराखंड में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट 

मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि  उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में 70 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी चलने और पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि की संभावना है। मौसम विभाग ने  पश्चिमी विक्षोभ के चलते अगले 24 घंटे के लिए यह चेतावनी जारी की है।

झांसी व बांदा में पारा 47 डिग्री पहुंचा

रविवार को प्रदेश के सबसे गरम झांसी व बांदा रहे। इन दोनों जगहों पर दिन का तापमान क्रमश: 47-47 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तड़के राजधानी लखनऊ समेत  प्रदेश के पूर्वी अंचलों में विभिन्न अंचलों में हल्की बारिश से उमस भरी चिपचिपी गर्मी से लोगों को थोड़ी राहत मिली। राज्य के पश्चिमी और बुन्देलखंड अंचलों में ग्रीष्म लहर का प्रकोप भी बना रहा। मौसम विभाग का अनुमान है कि सोमवार को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चल सकती है। कुछ इलाकों में बूंदाबांदी के भी आसार बने हुए हैं। 4 व 5 जून को भी प्रदेश के विभिन्न अंचलों में आंधी-पानी का सिलसिला बना रह सकता है। 

झारखंड में प्री मानसून सक्रिय

झारखंड में अगले तीन दिन में भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। हवा के रुख में बदलाव आया है। दक्षिण-पश्चिमी हवा आने से प्री मानसून सक्रिय हुआ है। अगले तीन दिनों तक राजधानी समेत प्रदेश के पूर्वोत्तर और दक्षिण-पूर्व हिस्सों पर हल्के बादल छाए रहेंगे। कहीं-कहीं धूलभरी आंधी के साथ हल्की बारिश की संभावना है। इससे झारखंड के अधिकतर इलाकों में भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। 

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  • Web Title:temperature increased in many parts of india