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दुखी नहीं, लेकिन निराश हूं; सीएम KCR के बेटे ने मानी हार, कांग्रेस को दी बधाई

वोटों की गिनती जारी है। कांग्रेस प्रमुख रेवंत रेड्डी ने कोडंगल से 32800 वोटों से जीत हासिल की है। खुद 10 साल से सत्ता पर काबिज भारत राष्ट्र समिति (BRS) ने भी अपनी हार मान ली है।

दुखी नहीं, लेकिन निराश हूं; सीएम KCR के बेटे ने मानी हार, कांग्रेस को दी बधाई
Amit Kumarलाइव हिन्दुस्तान,हैदराबादSun, 03 Dec 2023 03:48 PM
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तेलंगाना विधानसभा चुनाव परिणाम 2023 अपडेट: तेलंगाना में सत्ता परिवर्तन लगभग तय है। कांग्रेस पार्टी 64 सीटों पर बढ़त के साथ आगे बढ़ रही है। इस बीच, के चंद्रशेखर राव (KCR) के नेतृत्व वाली बीआरएस, 40 सीटों पर बढ़त के साथ पीछे चल रही है। वोटों की गिनती जारी है। कांग्रेस प्रमुख रेवंत रेड्डी ने कोडंगल से 32800 वोटों से जीत हासिल की है। खुद 10 साल से सत्ता पर काबिज भारत राष्ट्र समिति (BRS) ने भी अपनी हार मान ली है।

मुख्यमंत्री केसीआर के बेटे ओर तेलंगाना के मंत्री केटी रामाराव (KTR) ने ट्वीट कर अपनी हार स्वीकार की है। बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटीआर ने कहा, "बीआरएस को लगातार दो कार्यकाल देने के लिए तेलंगाना के लोगों का आभारी हूं। आज के नतीजे से दुखी नहीं हूं, लेकिन निराश जरूर हूं क्योंकि यह हमारे लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं था। लेकिन हम इसे एक सीख के रूप में लेंगे और वापसी करेंगे। जनादेश जीतने पर कांग्रेस पार्टी को बधाई।"

बता दें कि 2018 में हुए तेलंगाना विधानसभा चुनाव में तत्कालीन तेलंगाना राष्ट्र समिति (बाद में BRS) ने 88 सीटें हासिल कर जीत हासिल की थीं। कांग्रेस 19 सीटों के साथ उपविजेता रही और तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) ने सिर्फ दो सीटें जीतीं। भाजपा ने एक सीट हासिल की। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने सात सीटें जीतीं और स्वतंत्र उम्मीदवारों ने एक सीट जीती थी।

दक्षिणी राज्य में सरकार बनाने के लिए किसी भी दल को साधारण बहुमत हासिल करने के लिए कम से कम 60 सीट जीतनी होंगी। के. चन्द्रशेखर राव के नेतृत्व वाली बीआरएस 2014 में तेलंगाना को राज्य का दर्जा दिए जाने के बाद से सत्ता पर काबिज है। इसने 2018 का चुनाव भी जीता था। पार्टी इस बार भी लगातार तीसरी बार जीत की उम्मीद कर रही थी। कांग्रेस ने सत्तारूढ़ दल को सत्ता से हटाने के उद्देश्य से पूरे जोर-शोर से चुनाव प्रचार अभियान चलाया था। भाजपा ने भी अपने प्रचार अभियान के दौरान सत्तारूढ़ सरकार के खिलाफ तीखा हमला किया था।

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