ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News देशगर्भवती महिलाओं को मिले डाक मतपत्र के मतदान की सुविधा, HC में याचिका; क्या बोला चुनाव आयोग?

गर्भवती महिलाओं को मिले डाक मतपत्र के मतदान की सुविधा, HC में याचिका; क्या बोला चुनाव आयोग?

जिस तरह सरकार 85 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को डाक मतपत्र के माध्यम से वोट डालने की अनुमति देती है, उसी तरह गर्भवती महिलाओं को डाक मतपत्र के माध्यम से वोट देने का अधिकार मिले।

गर्भवती महिलाओं को मिले डाक मतपत्र के मतदान की सुविधा, HC में याचिका; क्या बोला चुनाव आयोग?
Amit Kumarलाइव हिन्दुस्तान,हैदराबादWed, 15 May 2024 04:12 PM
ऐप पर पढ़ें

तेलंगाना हाईकोर्ट ने हाल ही में भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) से गर्भवती महिलाओं को डाक मतपत्र के माध्यम से वोट डालने की अनुमति मांगने वाली एक याचिका पर निर्णय लेने के लिए कहा है। मुख्य न्यायाधीश धीरज सिंह ठाकुर और न्यायमूर्ति आर रघुनंदन राव की खंडपीठ ने एक जनहित याचिका (पीआईएल) का निपटारा करते हुए चुनाव आयोग को निर्देश दिया है। वहीं चुनाव आयोग के वकील ने कहा है कि वे आगे इस पर विचार करेंगे।

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, कोर्ट ने 1 मई के अपने आदेश में कहा, "हम प्रतिवादियों (चुनाव आयोग) को यह निर्देश देते हुए वर्तमान जनहित याचिका का निपटारा करते हैं कि भारत के चुनाव आयोग द्वारा उचित निर्णय लिया जाए कि जो महिलाएं गर्भवती हैं, उन्हें डाक मतपत्र के माध्यम से वोट डालने की अनुमति दी जानी चाहिए या नहीं।"

अदालत केसना गौड़ द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में इस बात पर जोर दिया गया था कि जो महिलाएं गर्भवती हैं, वे वोट डालने में असमर्थ हैं। इसलिए, जिस तरह सरकार 85 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को डाक मतपत्र के माध्यम से वोट डालने की अनुमति देती है, उसी तरह सरकार या ईसीआई द्वारा गर्भवती महिलाओं को डाक मतपत्र के माध्यम से वोट देने के अपने अधिकार का प्रयोग करने में सक्षम बनाने के लिए एक समान प्रावधान किया जाना चाहिए।  

याचिकाकर्ता ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 60 का हवाला दिया। यह ईसीआई को किसी भी वर्ग के व्यक्तियों को डाक मतपत्र के माध्यम से मतदान करने के लिए पात्र के रूप में सूचित करने की शक्ति प्रदान करती है। यह तर्क दिया गया कि ईसीआई को गर्भवती महिलाओं को डाक मतपत्रों का उपयोग करने में सक्षम बनाने के लिए एक अधिसूचना जारी करनी चाहिए।

जवाब में, ईसीआई वकील ने बताया कि लोकसभा चुनाव पहले ही शुरू हो चुके हैं। इसलिए, यह सुझाव दिया गया कि याचिकाकर्ता द्वारा उठाए गए मुद्दे पर भविष्य के चुनावों के लिए ईसीआई द्वारा विचार किया जा सकता है। इसके बाद कोर्ट ने ईसीआई से भविष्य के चुनावों के लिए याचिकाकर्ता के आवेदन पर गौर करने को कहा और याचिका का निपटारा कर दिया।