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तेलंगाना सरकार का बड़ा ऐक्शन; तंबाकू, गुटखा और पान मसाला पर लगा बैन

इसे लेकर जारी आदेश में कहा गया, 'तेलंगाना सरकार गुटखा/पान मसाला के निर्माण, भंडारण, वितरण, परिवहन और बिक्री पर पाबंदी लगाती है। ये वे प्रोडक्ट हैं जिनमें तंबाकू और निकोटीन होता है।'

तेलंगाना सरकार का बड़ा ऐक्शन; तंबाकू, गुटखा और पान मसाला पर लगा बैन
Niteesh Kumarलाइव हिन्दुस्तान,हैदराबादSun, 26 May 2024 10:36 PM
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तेलंगाना सरकार ने राज्य में तंबाकू और निकोटीन युक्त गुटखा व पान मसाला पर प्रतिबंध लगा दिया है। ऐसे उत्पादों के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर रोक होगी। यह पाबंदी 24 मई, 2024 से एक साल के लिए लगाई गई है। राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि यह प्रतिबंध सार्वजनिक स्वास्थ्य को देखते हुए लिया गया है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त की ओर से जारी आदेश के अनुसार, निषेध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत इसे लागू किया जाएगा।

आदेश में कहा गया, 'तेलंगाना सरकार गुटखा/पान मसाला के निर्माण, भंडारण, वितरण, परिवहन और बिक्री पर पाबंदी लगाती है। ये वे प्रोडक्ट हैं जिनमें तंबाकू और निकोटीन होता है और जो पाउच/पैकेज/कंटेनर आदि में पैक किए जाते हैं। इसे अलग-अलग जगहों पर विभिन्ना नामों से बुलाया जाता है। यह प्रतिबंध 24 मई, 2024 से एक साल की अवधि के लिए पूरे तेलंगाना में लागू होगा।' रिपोर्ट के मुताबिक, गुटका और पान मसाला के सेवन से स्वास्थ्य समस्याओं का गंभीर जोखिम रहता है। इसे देखते हुए ही यह कदम उठाया गया है। इनसे मुंह के कैंसर, सबम्यूकस फाइब्रोसिस और दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा रहता है।

तेलंगाना में भ्रामक दावे वाली दवाइयां जब्त
दूसरी ओर, तेलंगाना के औषधि नियंत्रण प्रशासन के अधिकारियों ने बाजार में कुछ दवाओं का पता लगाया है, जिनके लेबल पर दावे किए गए हैं कि वे गुर्दे की पथरी और गठिया का इलाज करती हैं। ये दावे ड्रग्स एंड मैजिक रेमेडीज (आपत्तिजनक विज्ञापन) अधिनियम, 1954 का उल्लंघन करते हैं। यह अधिनियम विशिष्ट रोगों और विकारों के उपचार के लिए कतिपय औषधों के विज्ञापन पर प्रतिबंध लगाता है। अधिनियम के अनुसार, कोई भी व्यक्ति सूचीबद्ध बीमारियों या विकारों के बारे में विज्ञापनों का प्रकाशन नहीं कर सकता। भ्रामक और आपत्तिजनक विज्ञापनों वाली दवाओं की पहचान करने के लिए 25 मई को चलाए गए एक विशेष अभियान में डीसीए के अधिकारियों ने उत्पादों का पता लगाया।