नाबालिग को भगाने और दुष्कर्म के मामले में 20 साल की सजा
शाहजहांपुर में नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में सौरभ दीक्षित को 20 वर्ष की कठोर सजा दी गई है। अदालत ने उसे 1 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया। आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।

शाहजहांपुर। नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने और पॉक्सो अधिनियम के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे-08) की अदालत ने दोषी सौरभ दीक्षित को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अभियोजन के अनुसार, वर्ष 2019 में कोतवाली थाना क्षेत्र में दर्ज मुकदमा संख्या 124/2019 में आरोप था कि रामचंद्र मिशन थाना क्षेत्र की नई बस्ती रेती निवासी सौरभ दीक्षित पुत्र कृष्ण मुरारी ने वादी की नाबालिग पुत्री को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। मामले में उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 366, 376, 368 तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 3/4 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य और गवाह न्यायालय में प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत के आदेश के बाद दोषी को नियमानुसार जेल भेज दिया गया।


