किशोरी को एक लाख में बेचकर कराई बुलंदशहर के युवक से शादी, पांच गिरफ्तार
किशोरी को एक लाख में बेचकर कराई शादी, पांच गिरफ्तार नाकर रखा, फिर बेचा

चौबेपुर की किशोरी को बहलाकर अपहरण कर बंधक बनाकर रखा। इसके बाद बुलंदशहर के युवक से शादी के लिए एक लाख रुपये में बेच दिया गया। प्रकरण में चौबेपुर पुलिस ने पड़ोस के गांव के युवक, युवक के चाचा-चाची, मथुरा निवासी युवक और उसके मामा को गिरफ्तार किया। किशोरी को मुक्त कराकर काउंसिलिंग की गई। डीसीपी वरुणा जोन प्रमोद कुमार, एडीसीपी लिपि नगायच, एसीपी सारनाथ विनय द्विवेदी ने शनिवार को पुलिस लाइन स्थित सभागार में घटना की जानकारी दी। बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में चौबेपुर के लखरांव कमौली निवासी राहुल भारद्वाज, उसके चाचा गोपालपुर कमौली निवासी शिवधनी, चाची मैना देवी, बुलंदशहर के धराऊ (कोतवाली देहात खुर्जा) और मथुरा के बदनपुर खंड मरकटी (सुरीर) निवासी नेम सिंह हैं। डीसीपी ने बताया कि राहुल ने ही लड़के के मामा नेम सिंह से संपर्क किया था। नेम सिंह ने भांजे की शादी कराने के लिए लड़की उपलब्ध कराने पर एक लाख रुपये देने की बात कही थी。
थाने की सुस्ती, तीन जुलाई को खुद पीड़िता ने फोन किया
किशोरी के परिजनों के अनुसार वह मानसिक रूप से थोड़ी बीमार है। उसकी मां का निधन हो चुका है। पिता एवं चाचा के परिवार के साथ रहती है। छह जून की सुबह लोग जगे तो किशोरी लापता थी। गांव, नाते-रिश्तेदार के यहां काफी ढूंढ़ने पर भी नहीं मिली। इसके बाद चाचा ने चौबेपुर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। बावजूद पुलिस सुस्त रही। किशोरी का कहीं पता नहीं चला। इसके बाद 22 जून को पुलिस आयुक्त के कार्यालय में जनसुनवाई में प्रार्थना पत्र दिया। फिर भी पुलिस किशोरी को नहीं ढूंढ़ सकी। तीन जुलाई को किशोरी ने अपने चचेरे भाई को फोन कर बताया कि आरोपियों ने उसे कानपूर में एक लाख रुपये बेच दिया है। आरोपी राहुल पहले से ही इस तरह के काम में संलिप्त रहा है।
पीड़िता की सूचना के तीसरे दिन केस
पीड़िता ने तीन जुलाई को जब फोन कर पूरी बात बताई, इसके बाद पुलिस ने पांच जुलाई को मुकदमा दर्ज किया। फिर आरोपियों को हिरासत में लिया गया। साथ ही किशोरी के लोकेशन पर पुलिस पहुंची।
तीन दिन तक बंधक बनाकर रखा, फिर बेचा
किशोरी ने परिजनों को बताया कि पांच जून को राहुल और साहिल नामक दो युवकों ने उसे जबरदस्ती उठा लिया और अपनी चाची के घर में जबरिया बंधक बनाए रखा। तीन दिन तक बंधक बनाने के बाद उसे बेचा गया। उधर, जिस युवक से विवाह कराया गया, उसकी उम्र 20 साल है। वह इधर-उधर मजदूरी करता है। उसके मामा नेम सिंह ने उसकी शादी के लिए सौदा तय किया था। अपहरण, पॉक्सो ऐक्ट, मानव तस्करी की धाराओं में सभी पांचों आरोपियों पर केस दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उप निरीक्षक महेश मिश्रा, अपराजित सिंह चौहान, हेड कांस्टेबल रमाकांत यादव, अभिषेक सिंह, कांस्टेबल सिंधु, अनिता थीं।
शादी के लिए खरीद-फरोख्त अपराध
डीसीपी ने बताया कि शादी के लिए बालिग या नाबालिग लड़की की खरीद-फरोख्त मानव तस्करी की श्रेणी में आएगी। हाल में चौबेपुर, सारनाथ, चोलापुर में तीन केस सामने आए। इस तरह के काम में संलिप्तता पर कार्रवाई होगी।


