शिक्षा मंत्री कैंप कार्यालय पर 23 को प्रदर्शन
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ शिक्षकों की लंबित मांगो और अतिथि अध्यापकों के नियमितीकरण को लेकर 23 सितंबर को पानीपत में शिक्षा मंत्री कैंप कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगे। इसमें हजारों शिक्षक भाग लेंगे। विभिन्न मांगों में नियमितीकरण, पेंशन बहाली, और शिक्षकों के लिए बेहतर बजट शामिल हैं।

- शिक्षकों की लंबित मांगो व अतिथि अध्यापकों के नियमितिकरण को लेकर प्रदर्शन 23 सितंबर गुरुग्राम, अमर मौर्य। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ शिक्षकों की लंबित मांगो और अतिथि अध्यापकों के नियमितीकरण को लेकर 23 सितंबर को पानीपत में शिक्षा मंत्री कैंप कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगे। इसमें प्रदेश से हजारों शिक्षक भाग लेंगे।
मुख्य मांगें
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ से संबद्ध स्कूल टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के राज्य सचिव सत्यनारायण यादव, जिला प्रधान मनोज कुमार, जिला वरिष्ठ उप प्रधान अनीता यादव, जिला उप प्रधान मुकेश कुमारी और जिला सचिव राजकुमार ने संयुक्त रूप से कहा कि उच्च न्यायालय के फैसले के अनुसार 2014 की नियमितीकरण की पॉलिसी के तहत अतिथि अध्यापकों को नियमित करने, टेट की अव्यवहारिक शर्त के बारे में सरकार द्वारा संसद में बिल पास करके प्रभावित शिक्षकों को राहत प्रदान करना, सेवा नियमावली-2012 में संशोधन करना है। इसके अलावा सार्वजनिक शिक्षा का विस्तार करना, गत और वर्तमान ब्लॉक की एलटीसी प्रदान करना, पुरानी पेंशन बहाल करना, मेवात मॉडल स्कूलों के अध्यापक, कंप्यूटर शिक्षक, वर्क इंस्ट्रक्टर, वोकेशनल शिक्षक, लैब सहायक, कौशल रोजगार निगम के शिक्षकों सहित सभी वर्गों के शिक्षकों/कर्मचारियों को 23 और 31 दिसंबर, 2025 के हाई कोर्ट के फैसले अनुसार नियमित करना, व्यवहारिक एवं विकेंद्रीकृत तबादला नीति के माध्यम से शीघ्र तबादले करना,खाली पदों पर नियमित नियुक्ति करना, सभी वर्गों की पदोन्नति सूचियां जारी करना, शिक्षकों के निजी कार्य वरिष्ठता के आधार पर सीटिजन चार्टर बनाकर हल करना, शिक्षक/कर्मचारी के आश्रितों के इलाज में आय प्रमाण पत्र की शर्त समाप्त करना है।
अध्यापक संघ की स्थिति
राज्य सचिव ने कहा कि छात्रों की प्रोत्साहन राशि में महंगाई के अनुसार वृद्धि करना तथा पुस्तकें समय पर उपलब्ध करवाना, सभी प्रकार के बजट समय पर जारी करना, गैर शैक्षणिक कार्यों पर रोक, मिड डे मील का बजट अतिशीघ्र जारी किया जाए व सप्लाई की गई सामग्री उच्च गुणवत्तायुक्त हो, हड़ताल की अवधि को नियमित करने का पत्र जारी करना है। अध्यापक संघ के मांगपत्र में शामिल सभी मांगों को समय-समय पर द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से हल करना आदि है। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते विभाग व सरकार ने मांगों को हल नहीं किया तो 23 सितंबर के प्रदर्शन में आगामी आंदोलन की घोषणा की जाएगी। जिसकी पूरी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग और हरियाणा सरकार की होगी।


