शिक्षकों के मान-सम्मान और अधिकारों के लिए सांसद को सौंपा गया प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के शिक्षकों ने टेट की विसंगतियों और अनिवार्यता के विरोध में सांसद को प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों ने NCTE द्वारा निर्धारित न्यूनतम योग्यता को विधिवत पारित करने की मांग की, ताकि उनके अधिकार सुरक्षित रह सकें। सांसद ने आश्वासन दिया कि यह मुद्दा सदन में उठाया जाएगा।
श्रावस्ती,संवाददाता। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के शिक्षकों ने टेट (TET शिक्षक पात्रता परीक्षा) की विसंगतियों और अनिवार्यता के विरोध में सांसद को प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। बुधवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष विनय कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में सैकड़ों शिक्षक और पदाधिकारियों ने टेट (TET - शिक्षक पात्रता परीक्षा) की विसंगतियों और अनिवार्यता के विरोध में प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन क्षेत्रीय सांसद चौधरी राम शिरोमणि वर्मा को सौंपा।
शिक्षकों की मांगें
शिक्षकों ने मांग उठाई कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) द्वारा दिनांक 23 अगस्त 2010 को निर्धारित न्यूनतम योग्यता के पैरा 4 को माननीय संसद द्वारा विधि-सम्मत तरीके से पारित कराया जाए। इसे निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम में विधिवत सम्मिलित करने के लिए सरकार तत्काल आवश्यक कार्यवाही करे जिससे शिक्षकों के भविष्य और उनके अधिकारों को कानूनी रूप से सुरक्षित किया जा सके। ज्ञापन देते हुए के दौरान जिला अध्यक्ष विनय कुमार पाण्डेय ने सांसद को शिक्षकों की समस्याओं से अवगत कराया।
सांसद का आश्वासन
सांसद चौधरी राम शिरोमणि वर्मा ने शिक्षकों की मांगों को न्यायसंगत बताते हुए आश्वस्त किया कि इस प्रकरण को सदन तक पहुंचाएंगे और प्रधानमंत्री कार्यालय में शिक्षकों के सम्मान और समस्याओं के बारे में अवगत कराएंगे। इस मौके पर जिला मंत्री सत्य प्रकाश वर्मा, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र प्रताप सिंह, जिला उपाध्यक्ष हरीश कुमार और जिला प्रचार मंत्री जितेंद्र यादव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष उत्तम चौधरी, मंत्री अनवर खान, युगल किशोर, शिव शंकर, आनंद त्रिपाठी सहित सैकड़ो की संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।


