छात्र-शिक्षक अनुपात की शर्त पर भड़के शिक्षक, तबादला नीति के खिलाफ निदेशालय में प्रदर्शन
लखनऊ में प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों ने अन्तर जनपदीय तबादला नीति के खिलाफ प्रदर्शन किया। शिक्षकों का कहना है कि दंपत्ति शिक्षकों के लिए छात्र-शिक्षक अनुपात जोड़ा गया है, जिससे उन्हें तबादला का लाभ नहीं मिल रहा। शिक्षकों ने गर्मी में लंबा सफर तय किया, लेकिन अधिकारियों से कोई मुलाकात नहीं हुई।
लखनऊ, कार्यालय संवाददाता। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों की जारी अन्तर जनपदीय तबादला नीति में छात्र शिक्षक अनुपात जोड़ने से नाराज शिक्षकों ने बुधवार को निशातगंज स्थित निदेशालय में प्रदर्शन कर विरोध जताया। शिक्षकों ने नारेबाजी कर कहा कि सरकार व बेसिक शिक्षा विभाग अंतर जनपदीय तबादले की प्रक्रिया शुरू की है, लेकिन दंपत्ति शिक्षकों के लिए शिक्षक और छात्र अनुपात जोड़ा गया। इससे दंपत्ति शिक्षकों को तबादला का लाभ नहीं मिलेगा। भीषण गर्मी में प्रदेश भर से आए शिक्षकों का कहना है कि 10 से 15 वर्ष की नौकरी एक ही जिले में करते हुए हो गए हैं।
इनमें कई शिक्षक दंपत्ति हैं, जो 200 से 300 किलो मीटर दूर के स्कूलों में पढ़ा रहे हैं। बहराइच के एक शिक्षक ने बताया कि पत्नी कानपुर में तैनात हैं। 10 वर्ष से अधिक समय हो गया, लेकिन तबादला नहीं हुआ। दोनों के इतनी दूर होने की वजह से बच्चों एवं परिवार की जिम्मेदारियां निभाना मुश्किल हो रहा है। दो घंटे बीत जाने के बाद प्रदर्शनकारियों से विभाग का कोई अधिकरी मिलने नहीं आया।
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