तबादला नीति संशोधन की मांग कर रहे शिक्षकों का निदेशालय में प्रदर्शन
प्राइमरी स्कूलों में कार्यरत शिक्षक दंपतियों ने स्थानांतरण नीति में संशोधन के लिए प्रदर्शन किया। उनकी मांग है कि छात्र शिक्षक अनुपात की अनिवार्यता को खत्म किया जाए। प्रदेश अध्यक्ष राजेश त्रिपाठी और अन्य शिक्षकों ने निदेशक से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों ने हालात को ध्यान में रखते हुए तबादले में बदलाव की मांग की है।

प्राइमरी स्कूलों में तैनात शिक्षक दंपतियों ने बुधवार को अंतर्जनपदीय स्थानांतरण में संशोधन को लेकर निशातगंज स्थित निदेशालय में प्रदर्शन किया। इन शिक्षकों की मांग है कि तबादला नीति में छात्र शिक्षक अनुपात की बाध्यता को खत्म किया जाए। ये अनुपात शिक्षकों के तबादले में बाधा बन रहा है। दंपति शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेश त्रिपाठी और प्रदेश महामंत्री राम राज गुप्ता ने बेसिक शिक्षा निदेशक अनिल भूषण चतुर्वेदी से भेंट कर ज्ञापन सौंपा। हालांकि उन्होंने कहा कि इसका निस्तारण शासन स्तर से होगा। राजेश त्रिपाठी के नेतृत्व में प्रदेश भर आए करीब 300 दंपति शिक्षकों ने तबादला नीति में बदलाव के लिए तीन मांगें रखी।
सभी ने कहा कि छात्र-शिक्षक अनुपात की बाध्यता खत्म की जाए। सरकारी सेवा में कार्यरत दंपति शिक्षकों की संख्या बेहद सीमित है। आगामी शिक्षक भर्तियों और भविष्य में रिक्त होने वाले पदों को देखते हुए वर्तमान इस अनुपात को तबादले का निर्णायक आधार न बनाया जाए। स्थानांतरण नीति का लाभ केवल बेसिक शिक्षा परिषद में कार्यरत दंपति शिक्षक तक ही सीमित न रहे। दूसरे सरकारी विभाग के कर्मचारियों को इसके दायरे में शामिल किया जाए। दंपति शिक्षक गृह जिले से दूर किसी एक या अलग-अलग जिलों में कार्यरत हैं, उन्हें मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए उनके गृह जिले में तबादले का अवसर दिया जाए।
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