कुशीनगर से गृह जनपद जाने को बेताब हैं बेसिक के 292 शिक्षक
कु्शीनगर में 292 शिक्षकों ने अंतरजनपदीय स्थानांतरण के लिए आवेदन किया है। इनमें 153 दिव्यांग, 07 कैंसर पीड़ित और 09 डायलिसिस पर निर्भर शिक्षक शामिल हैं। शिक्षकों का कहना है कि स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उन्हें अपने गृह जनपद में रहकर उपचार की आवश्यकता है। स्थानांतरण सूची जारी होने का इंतजार है।
कु्शीनगर, मिथिलेश द्विवेदी। जिले के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत सैकड़ों शिक्षक अपने गृह जनपद में स्थानांतरण का इंतजार कर रहे हैं। जिले से कुल 292 शिक्षकों ने अंतरजनपदीय स्थानांतरण के लिए आवेदन किया है। इनमें सबसे अधिक 153 दिव्यांग शिक्षक हैं, जबकि 07 कैंसर पीड़ित और 09 डायलिसिस पर निर्भर शिक्षक भी शामिल हैं। इन शिक्षकों को अब बेसिक शिक्षा विभाग की स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी होने और शासन स्तर से आदेश जारी होने का इंतजार है।
स्थानांतरण प्रक्रिया की स्थिति
जिले में मौजूदा समय में बेसिक शिक्षा परिषद से 2,464 विद्यालयों का संचालन होता है। इन विद्यालयों में करीब 6,500 शिक्षक कार्यरत हैं। यदि स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी होती है तो जिले के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या में कमी आएगी। इससे पहले से शिक्षक अभाव वाले विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका भी जताई जा रही है। अंतरजनपदीय स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी तरह शासन स्तर से संचालित की जा रही है। आवेदन करने वाले शिक्षकों के अभिलेखों का सत्यापन करने के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने अपनी रिपोर्ट बेसिक शिक्षा सचिव को भेज दी है। अब अंतिम निर्णय शासन स्तर पर लिया जाएगा और पात्र शिक्षकों की सूची जारी होने के बाद स्थानांतरण आदेश निर्गत किए जाएंगे।
आवेदन प्रक्रिया
चार प्वाइंट के आधार पर तबादला होना है। सचिव बेसिक शिक्षा ने 5 जून 2026 को तबादला का आदेश दिया था। इसके तहत मानक पूरा करने वाले शिक्षकों ने 7 जून से 16 जून तक बीआरसी के माध्यम से आवेदन किया था। बीईओ द्वारा आवेदन भेजने के बाद पिछले 22 जून बीएसए कार्यालय मेल पर आवेदनों को अग्र्रसारित किया गया है। इसमें दिव्यांग- स्वयं या पत्नी या पति या अविवाहित पुत्र पुत्री में 153 आवेदन, कैंसर - स्वयं या अविवाहित पुत्र-पुत्री में 07, डायलिसिस- स्वयं या अविवाहित पुत्र पुत्री में 09 व पति-पत्नी परिषदीय स्कूल में 123 समेत कुल 292 शिक्षकों ने आवेदन किया है। स्थानांतरण के लिए आवेदन करने वालों में बड़ी संख्या ऐसे शिक्षकों की है, जो दिव्यांग हैं या गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं।
गृह जनपद में तैनाती की आवश्यकता
कई शिक्षक वर्षों से अपने गृह जनपद से दूर रहकर नौकरी कर रहे हैं। उनका कहना है कि गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के कारण नियमित उपचार के लिए परिवार के साथ रहना आवश्यक है। ऐसे में गृह जनपद में तैनाती मिलने से इलाज के साथ-साथ पारिवारिक जिम्मेदारियों का निर्वहन भी आसान होगा।
स्थानांतरण सूची जारी होने का इंतजार
बीएसए कुशीनगर अनिल कुमार सिंह का कहना है कि जनपद से कुल 292 शिक्षकों ने आवेदन किया है। सभी पात्र आवेदनों का सत्यापन कर रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है। अब बेसिक शिक्षा सचिव की ओर से स्थानांतरण सूची जारी होने का इंतजार है। आदेश जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जिले से कितने शिक्षकों को गृह जनपद जाने का अवसर मिलेगा और उनके स्थान पर कितने शिक्षकों की तैनाती होगी।


