प्रकृति प्रहरी के रूप में शिक्षक करेंगे काम
प्रकृति प्रहरी के रूप में सरकारी स्कूल के शिक्षक काम करेंगे। ये शिक्षक स्कूलों में पर्यावरण चेतना को बढ़ाने के साथ-साथ जल-ऊर्जा बचत और पोषण वाटिका पर भी काम करेंगे। फेसबुक लाइव कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने प्रकृति संरक्षण की आवश्यकता को रेखांकित किया। बच्चों को ‘डिजिटल उपवास’ के माध्यम से प्राकृतिक परिवेश का अनुभव करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। प्रकृति प्रहरी के रूप में सरकारी स्कूल के शिक्षक काम करेंगे। इसके तहत स्कूलों में पर्यावरण चेतना को बढ़ाएंगे। ये शिक्षक स्कूलों में जल-ऊर्जा बचत के साथ पोषण वाटिका पर भी काम करेंगे।
कार्यक्रम का आयोजन
टीचर्स ऑफ बिहार की त्रैमासिक पत्रिका ‘प्रकृति प्रहरी’ के दूसरे संस्करण के अवसर पर ‘प्रकृति प्रहरी : विचारों से प्रयासों तक’ विषय पर विशेष फेसबुक लाइव कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, जल एवं ऊर्जा बचत, जैव विविधता, पोषण वाटिका तथा बच्चों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने को लेकर रणनीति बनी। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने ‘प्रकृति प्रहरी’ के दूसरे संस्करण के लिए शुभकामना संदेश में प्रकृति संरक्षण की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि ‘प्रकृति प्रहरी’ महज एक पत्रिका नहीं, बल्कि प्रकृति, पर्यावरण और मानव जीवन के बीच संतुलन स्थापित करने का सशक्त संकल्प है। फेसबुक लाइव कार्यक्रम में बिहार शिक्षा परियोजना परिषद, पटना के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी महताब रहमानी तथा डीपीओ सीतामढ़ी सुजीत कुमार दास ने ‘प्रकृति प्रहरी’ अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों पर अपने विचार साझा किए।
बच्चे करेंगे डिजिटल उपवास
डीपीओ ने कहा कि ‘डिजिटल उपवास’ की अवधारणा के माध्यम से कुछ समय तकनीक से दूरी बनाकर प्रकृति के साथ समय बिताने तथा प्राकृतिक परिवेश को अनुभव करने के लिए बच्चों को प्रेरित किया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन उत्क्रमित मध्य विद्यालय, सलेमपुर ढाब, कांटी के शिक्षक कुमार अभिषेक, संपादक अभिषेक कुमार तथा उत्क्रमित मध्य विद्यालय, औराही की शिक्षिका एवं सह-संपादक प्रिया कुमारी ने किया। इस मौके पर टीचर्स ऑफ बिहार के फाउंडर शिव कुमार, टेक्निकल टीम लीडर शिवेंद्र प्रकाश सुमन तथा इवेंट लीडर केशव कुमार का मार्गदर्शन एवं सहयोग रहा।


