शिक्षक हितों की लड़ाई होगी तेज, बैठक में बनी रणनीति
पेज-युवा के लिएबैठक में संगठन विस्तार पर जोर राज्य पदाधिकारियों ने एकजुटता को अधिकारों की लड़ाई की सबसे बड़ी ताकत बताया फोटो संख्या :-05, कैप्सन :- रविवार को डुमरांव के एक सभागार में बैठक करते शिक्षक...

पेज-युवा के लिए प्राथमिक शिक्षक संघ की बैठक में संगठन विस्तार पर जोर राज्य पदाधिकारियों ने एकजुटता को अधिकारों की लड़ाई की सबसे बड़ी ताकत बताया फोटो संख्या :-05, कैप्सन :- रविवार को डुमरांव के एक सभागार में बैठक करते शिक्षक संघ के सदस्य डुमरांव, संवाद सूत्र। प्राथमिक शिक्षक संघ (गोप गुट) की जिलास्तरीय बैठक रविवार को स्थानीय शहर के एक सभागार में आयोजित की गई।
बैठक का विवरण
बैठक में जिले के विभिन्न प्रखंडों से बड़ी संख्या में शिक्षक प्रतिनिधियों ने भाग लिया और शिक्षकों की लंबित समस्याओं, संगठन की मजबूती तथा आगामी आंदोलन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष नागेंद्र राम ने की, जबकि संचालन कार्यकारी सचिव पद्म जी चौधरी ने किया। बैठक में बतौर मुख्य अतिथि राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ (गोप गुट) के महासचिव नागेंद्र सिंह, राज्य सचिव नसीम अहमद तथा संगठन सचिव अभय कुमार पांडेय उपस्थित रहे।
शिक्षकों की समस्याओं पर चर्चा
राज्य पदाधिकारियों ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए शिक्षकों की समस्याओं का समय पर समाधान आवश्यक है। उन्होंने संगठन की एकजुटता को सबसे बड़ी ताकत बताते हुए सभी शिक्षकों से संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। बैठक के दौरान शिक्षकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं के समाधान को लेकर चरणबद्ध आंदोलन चलाने की रणनीति बनाई।
आंदोलनों की योजना
सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जल्द ही जिला मुख्यालय पर भूख हड़ताल आयोजित की जाएगी। इसके अलावा पदयात्रा निकालकर शिक्षकों की मांगों को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा, ताकि सरकार और प्रशासन का ध्यान समस्याओं की ओर आकर्षित किया जा सके। साथ ही संगठन को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से व्यापक सदस्यता अभियान चलाने का भी निर्णय लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि अधिक से अधिक शिक्षकों को संगठन से जोड़कर उनकी आवाज को मजबूती प्रदान की जाएगी।
भविष्य की योजनाएं
इसी क्रम में राजधानी पटना में एक भव्य सेमिनार आयोजित करने की रूपरेखा भी तैयार की गई, जिसमें प्रदेशभर के शिक्षक प्रतिनिधि शामिल होंगे और शिक्षा तथा शिक्षक हितों से जुड़े मुद्दों पर व्यापक विमर्श किया जाएगा। बैठक में सर्वोच्च न्यायालय के टीईटी से संबंधित फैसले पर भी विस्तार से चर्चा हुई। उपस्थित शिक्षकों ने इस फैसले पर असंतोष व्यक्त करते हुए इसे निरस्त कराने की दिशा में प्रयास तेज करने का निर्णय लिया।
संघ का निर्णय
इसके लिए अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों के सांसदों पर लोकतांत्रिक तरीके से दबाव बनाने तथा इस मुद्दे को संसद और सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाने की रणनीति तय की गई। संघ के राज्य महासचिव ने कहा कि शिक्षकों के अधिकारों और सम्मान से जुड़े मुद्दों पर संगठन किसी भी स्तर पर पीछे नहीं हटेगा। यदि सरकार और संबंधित विभाग शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं हुए तो आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा। वहीं राज्य सचिव ने शिक्षकों से एकजुट रहकर संगठन को मजबूत बनाने और आगामी कार्यक्रमों को सफल बनाने की अपील की। मौके पर अरुण कुमार, प्रदीप कुमार, पंकज कुमार, प्रवीण कुमार, पीर मुहम्मद, मुस्ताक, सुनील कुमार, हरेराम, सुरेंद्र सिंह सहित अन्य मौजूद थे। (डुमरांव से अमरनाथ केशरी)


