बच्चे की व्यक्तिगत प्रतिभा को पहचानना जरूरी
सुदिती ग्लोबल एकेडमी में सीबीएसई के तहत अभिभावकों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बच्चों की व्यक्तिगत प्रतिभा को पहचानने और सामूहिक विकास के महत्व पर बल दिया। अभिभावकों और शिक्षकों के बीच संबंधों को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई।

सुदिती ग्लोबल एकेडमी में सीबीएसई के उत्कृष्टता केंद्र, प्रयागराज के तत्वावधान में अभिभावकों को शिक्षा के प्रति जागरूक करना विषय पर शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विषय विशेषज्ञ डॉ. मनीषा सिंह और अर्पित अग्रवाल सहित वरिष्ठ प्रधानाचार्य डा. राम मोहन ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। डॉ. मनीषा सिंह ने कहा कि प्रत्येक बच्चे की सीखने की गति अलग होती है। अभिभावकों को अंकों के दबाव और तुलना से बचकर बच्चे की व्यक्तिगत प्रतिभा को पहचानना चाहिए। अर्पित अग्रवाल ने अभिभावक-शिक्षक बैठकों को केवल शिकायतों तक सीमित न रखकर विद्यार्थी के समग्र विकास पर चर्चा का माध्यम बनाने पर बल दिया।
उप प्रधानाचार्य जयशंकर तिवारी ने कहा कि शिक्षक, विद्यार्थी और परिवार के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करता है। वरिष्ठ प्रधानाचार्य डॉ. राम मोहन और शैक्षणिक प्रधानाचार्या सुप्रिया शर्मा ने कहा कि बच्चे के सर्वांगीण विकास के लिए विद्यालय, शिक्षक और अभिभावक तीनों का मिलकर कार्य करना आवश्यक है।


