शिक्षकों की जरूरत का किया जा रहा आकलन
दरभंगा। शिक्षा विभाग ने सभी विद्यालयों से शिक्षक-छात्र अनुपात का आकलन करने के लिए विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। इस प्रक्रिया में विषयवार शिक्षकों की जानकारी और विद्यार्थियों की संख्या शामिल होगी। इसका उद्देश्य स्कूलों में शिक्षकों की वास्तविक आवश्यकता और रिक्तियों की पहचान करना है।

दरभंगा। सरकारी प्राथमिक, मध्य एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में छात्र-शिक्षक अनुपात (पीटीआर) के अनुसार आवश्यक शिक्षकों की वास्तविक संख्या का आकलन किया जाएगा। इस संबंध में शिक्षा विभाग ने सभी विद्यालयों से निर्धारित प्रपत्र में विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
शिक्षकों की जानकारी
जारी निर्देश के अनुसार प्रारंभिक (कक्षा एक से पांच), मध्य (कक्षा छह से आठ), माध्यमिक (कक्षा नौ से 10) तथा उच्च माध्यमिक (कक्षा 11 से 12) विद्यालयों के लिए अलग-अलग प्रपत्र उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें विषयवार कार्यरत शिक्षकों का नाम, पद, नियुक्ति तिथि, लिंग, योगदान तिथि तथा वर्तमान पदस्थापन की जानकारी दर्ज करनी होगी। इसके अलावा प्रत्येक कक्षा में नामांकित विद्यार्थियों की संख्या, कुल छात्र-छात्राओं का विवरण तथा छात्र-शिक्षक अनुपात के आधार पर आवश्यक शिक्षकों की संख्या भी अंकित की जाएगी।
विषयवार शिक्षकों का विवरण
माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक स्तर पर हिन्दी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, संस्कृत, उर्दू, कंप्यूटर सहित अन्य विषयों के शिक्षकों का पृथक विवरण मांगा गया है। वहीं, प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में भी विषयवार उपलब्ध शिक्षकों एवं आवश्यक संख्या का आकलन किया जाएगा। शिक्षा विभाग का उद्देश्य विद्यालयों में वास्तविक आवश्यकता के अनुरूप शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना, विषयवार रिक्तियों की पहचान करना तथा भविष्य में शिक्षकों के पदस्थापन एवं स्थानांतरण की प्रक्रिया को अधिक वैज्ञानिक और पारदर्शी बनाना है। विभाग ने सभी संबंधित विद्यालयों को निर्धारित प्रारूप में समय पर जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है, ताकि राज्य स्तर पर छात्र-शिक्षक अनुपात के अनुरूप शिक्षकों की आवश्यकता का समेकित आकलन किया जा सके।


