नौकरी बचाने को शिक्षक ने बनाया रजिस्ट्रार का फर्जी हस्ताक्षर
प्रयागराज में एक शिक्षक ने परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय के रजिस्ट्रार का फर्जी हस्ताक्षर बनाकर टीईटी प्रमाणपत्र की फर्जी सत्यापन रिपोर्ट भेजी। जांच में पता चला कि कोई सत्यापन रिपोर्ट भेजी ही नहीं गई थी। मामला संदिग्ध पाया गया है, और कार्यालय के कर्मचारियों की भूमिका भी जांच की जा रही है।
प्रयागराज। मथुरा के परिषदीय स्कूल में कार्यरत एक शिक्षक ने परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय के रजिस्ट्रार का फर्जी हस्ताक्षर बनाकर टीईटी प्रमाणपत्र की फर्जी सत्यापन रिपोर्ट भेज दी। सत्यापन आख्या पर शक हुआ तो एक खंड शिक्षा अधिकारी को पीएनपी कार्यालय भेजा गया। यहां पूछताछ में पता चला कि ऐसी कोई सत्यापन रिपोर्ट भेजी ही नहीं गई है। इसमें कार्यालय के बाबुओं की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। उक्त शिक्षक के प्राथमिक स्तर की टीईटी 2013 की सत्यापन रिपोर्ट 2023 में बीएसए मथुरा ने मांगी थी। आश्चर्य की बात है कि तीन साल में सत्यापन रिपोर्ट भेजी ही नहीं गई।
इस बीच शिक्षक ने रजिस्ट्रार का फर्जी हस्ताक्षर बनाकर बीएसए कार्यालय में सत्यापन रिपोर्ट लगा दी कि टीईटी में उसे 150 अंक में 82 अंक मिले थे और वह पास था। मामले की पड़ताल पर पता चला कि पीएनपी से ऐसी कोई रिपोर्ट भेजी नहीं गई और शिक्षक ने जो पत्रांक लगाया था वह भी सही नहीं है। हालांकि इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है कि तीन साल तक सत्यापन रिपोर्ट क्यों नहीं भेजी गई। रजिस्ट्रार विपेन्द्र सिंह का कहना है कि उनके हस्ताक्षर से ऐसी कोई सत्यापन रिपोर्ट नहीं भेजी गई है।


