इलाज के बाद भी बढ़ रहे टीबी मरीज, संख्या ढाई हजार पार
महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। जिले में टीबी मरीजों की संख्या में कमी नहीं हो रही

महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। जिले में टीबी मरीजों की संख्या में कमी नहीं हो रही है। खोजी अभियान में हर रोज टीबी पीड़ित मिल रहे हैं। हालत यह हो गई है कि टीबी पीड़ितों की संख्या ढ़ाई हजार पार हो गई है। ये पीड़ित हर रोज दवा ले रहे हैं। इनमें से 109 टीबी पीड़ित ऐसे है, जिन पर साधारण टीबी की दवा काम करना बंद कर दिया है। ये पीड़ित एमडीआर श्रेणी में पहुंच गए हैं।
टीबी मुक्त करने के प्रयास
जिले को टीबी मुक्त करना है। इसके लिए स्वास्थ्य प्रशासन हर स्तर पर कोशिश तेज कर दी है। संभावित टीबी मरीजों को ढूढ़-ढूढ़कर उनकी जांच कर रहा है। जांच में बीमारी पुष्टि होने पर उसका पंजीकरण कर तत्काल दवा देने का कार्य कर रहा है। इसके लिए समय-समय पर टीबी खोी अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के अलावा स्वास्थ्य केंद्रों में हर रोज टीबी पीड़ित मिल रहे हैं। इससे मरीजों की संख्या 2627 हो गई है। क्षयरोग चिकित्सालय में पंजीकृत ये टीबी पीड़ित हर रोज दवा ले रहे हैं।
साधारण टीबी का उपचार
छह माह में ठीक हो जाती है साधारण टीबी
टीबी का लक्षण दिखाई देने पर व्यक्ति को तत्काल डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। जांच में टीबी की पुष्टि होने पर पीड़ित को तुरंत दवा लेनी चाहिए। साधारण टीबी मरीज नियमित छह माह तक दवा लेकर टीबी से ठीक हो जाते हैं।
दवा छोड़ने पर समस्या
बीच में दवा छोड़ने से एमडीआर टीबी श्रेणी में चले जाते हैं पीड़ित
साधारण टीबी नियमित छह माह तक दवा लेने पर ठीक हो जाती है। लेकिन बीच-बीच में दवा छोड़ देने से पीड़ित पर साधारण टीबी की दवा काम करना बंद कर देती है। ये एडीआर टीबी श्रेणी में चले जाते हैं। ऐसे मरीजों को 12 माह तक उच्च क्षमता की टीबी की दवा 12 माह तक लेनी पड़ती है।
स्वास्थ्य प्रशासन की प्राथमिकता
डीटीओ-एसीएमओ डॉ. वीरेन्द्र आर्या ने बताया कि जिले को टीबी मुक्त करना प्राथमिकता है। इसके लिए हर स्तर पर कोशिश तेज कर दी गई हैं। टीबी के हाईरिस्क गांवों में शिविर लगाकर जांच कर मरीजों को चिह्नित किया जा रहा है। स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच में हर दिन टीबी मरीज मिल रहे हैं। बीमारी की पुष्टि होने पर मरीज को तत्काल दवा शुरू कर दी जा रही है। डाट्स प्रोवाइडर की उपस्थिति में मरीज दवा ले रहे हैं।


