टाटानगर स्टेशन पर कांवरियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए बनेगा होल्डिंग एरिया
टाटानगर स्टेशन पर कांवारियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए होल्डिंग एरिया बनाया जाएगा। श्रद्धालु ट्रेन के निर्धारित समय पर टिकट दिखाकर स्टेशन के सभी प्रवेश द्वारों से जा सकेंगे। होल्डिंग एरिया में कुर्सियां, पंखे और पेयजल की व्यवस्था की जाएगी। सुरक्षा बल श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से चढ़ाने का प्रयास करेंगे।

टाटानगर स्टेशन पर कांवरियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए होल्डिंग एरिया बनाया जाएगा, ताकि जसीडीह और सुल्तानगंज जाने वाली ट्रेनों के समय प्लेटफॉर्म पर अत्यधिक भीड़ न हो। होल्डिंग एरिया बनने के बाद बिहार जाने वाली ट्रेनों के निर्धारित समय पर श्रद्धालु टिकट दिखाकर स्टेशन के सभी प्रवेश द्वारों से अंदर जा सकेंगे। कांवरियों और श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे कर्मचारियों के स्टैंड और पोर्टिको शेड में होल्डिंग एरिया बनाने की तैयारी की जा रही है। यहां यात्रियों के लिए कुर्सियां, पंखे और पेयजल की भी व्यवस्था होगी, जिससे ट्रेन का इंतजार करने वालों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी。
होल्डिंग एरिया का महत्व
मालूम हो कि कुंभ मेले के दौरान भीड़ नियंत्रण के लिए रेलवे ने पहली बार होल्डिंग एरिया बनाया था। इसके बाद छठ पर्व के दौरान भी इस व्यवस्था को अपनाया गया। श्रावणी मेले को देखते हुए टाटानगर रेल थाना के इंस्पेक्टर संतोष सिंह ने स्टेशन निदेशक सुनील कुमार को होल्डिंग एरिया बनाने का प्रस्ताव दिया है। इस व्यवस्था से बक्सर एक्सप्रेस, आरा-साउथ बिहार एक्सप्रेस, गोड्डा एक्सप्रेस, जयनगर एक्सप्रेस, छपरा एक्सप्रेस, कटिहार एक्सप्रेस और बिलासपुर एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों के समय प्लेटफॉर्म पर अनावश्यक भीड़ नहीं जुटेगी। ट्रेन के आगमन या प्रस्थान से कुछ मिनट पहले ही यात्रियों को टिकट जांच के बाद स्टेशन परिसर में प्रवेश दिया जाएगा। इससे भीड़ नियंत्रण के साथ-साथ स्टेशन पर अनधिकृत प्रवेश पर भी रोक लगेगी। यदि भीड़ अधिक हुई तो सुरक्षा बल श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से जनरल कोच में चढ़ाएंगे, ताकि सीट को लेकर धक्का-मुक्की की स्थिति उत्पन्न न हो।
श्रद्धालुओं की सुविधा
चक्रधरपुर रेल मंडल के सीनियर डीसीएम ने बताया कि श्रावणी मेले के दौरान यात्रियों को स्टेशन पर हर संभव सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। आवश्यकता के अनुसार ट्रेनों में अतिरिक्त कोच लगाए जाएंगे। साथ ही, जरूरत पड़ने पर टाटानगर से जसीडीह तक स्पेशल ट्रेन भी चलाई जा सकती है, क्योंकि रेल मंडल में कोच की कोई कमी नहीं है।


