टाटानगर स्टेशन को मिला आईएसओ सर्टिफिकेट
दक्षिण पूर्व रेलवे जोन के टाटानगर स्टेशन को दूसरी बार आईएसओ 14001/2015 सर्टिफिकेट मिला है। निरीक्षण में स्वच्छता, कचरा निस्तारण, और पर्यावरण सुरक्षा की जांच की गई। स्टेशन ने 2019 से लगातार यह सर्टिफिकेट प्राप्त किया है और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की गाइडलाइंस का पालन किया है।

दक्षिण पूर्व रेलवे जोन के मॉडल स्टेशन टाटानगर को आईएसओ 14001/2015 का सर्टिफिकेट दूसरी बार मिला है। इससे पहले सोमवार को आईएसओ टीम ने स्टेशन के चप्पे-चप्पे का निरीक्षण किया। टीम ने स्वच्छता, कचरा निस्तारण, पर्यावरण सुरक्षा और बायो टॉयलेट व्यवस्था की जांच की। दोपहर 11 बजे से शाम 6 बजे तक चली जांच में वाणिज्य, मैकेनिकल, स्वास्थ्य और अन्य विभागों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों से टीम को अवगत कराया। निरीक्षण के बाद स्टेशन निदेशक को सर्टिफिकेट सौंपा गया। टाटानगर स्टेशन को वर्ष 2019 से लगातार यह सर्टिफिकेट मिल रहा है। स्वच्छता के क्षेत्र में रेलवे बोर्ड का अवॉर्ड भी प्राप्त कर चुका है।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की गाइडलाइंस के अनुसार यहां लंबे समय से काम हो रहा है। प्रदूषण नियंत्रण विभाग की हर जांच में टाटानगर की रैंकिंग बेहतर रही है। स्टेशन परिसर में लगाए गए पौधों और प्लेटफॉर्म पर सजे गमलों की भी टीम ने सराहना की। हावड़ा-मुंबई मुख्य मार्ग के प्रमुख स्टेशनों में शामिल टाटानगर पर रोजाना 70 ट्रेनों से 40-45 हजार यात्रियों का आवागमन होता है। इतनी बड़ी संख्या के बावजूद प्लेटफॉर्म, लाइन, शौचालय और पूरे स्टेशन परिसर की स्वच्छता पर टीम ने संतोष जताया।


