टाटा स्टील प्लांट में दोपहिया वाहनों की रोक को अध्ययन शुरू
टाटा स्टील ने सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर कदम उठाया है। कंपनी ने जमशेदपुर प्लांट में दोपहिया वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने के लिए अध्ययन और नई व्यवस्था तैयार करना शुरू कर दिया है। यह योजना कर्मचारियों के आवागमन को बेहतर बनाने और सड़क सुरक्षा में सुधार के उद्देश्य से बनाई गई है।

टाटा स्टील सड़क सुरक्षा समेत सभी प्रकार की सुरक्षा को लेकर गंभीर है। कंपनी के सीईओ सह एमडी टीवी नरेंद्रन के जीरो एक्सीडेंट यानी रक्तहीन स्टील निर्माण की सोच को जमीन पर उतारने के लिए प्रबंधन ने जमशेदपुर प्लांट परिसर में दोपहिया वाहनों के प्रवेश पर प्रस्तावित रोक की दिशा में तैयारी तेज कर दी है। प्रबंधन ने नई व्यवस्था लागू करने से पहले प्लांट के चारों प्रमुख गेट पर वाहनों की आवाजाही का अध्ययन शुरू कर दिया है। प्रबंधन ने वीपी डीबी सुंदरारामम के नेतृत्व में इसके लिए पूरी प्रक्रिया की निगरानी और क्रियान्वयन के लिए दो अहम समितियों स्टीयरिंग कमेटी और वर्किंग कमेटी का गठन 23 जुलाई को ही कर दिया गया है। इन समितियों में टाटा स्टील प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ टाटा वर्कर्स यूनियन के प्रतिनिधि भी शामिल किया गया है। फिजिबिलिटी स्टडी के तहत पहली, दूसरी, रात्रि और जनरल शिफ्ट में प्लांट में प्रवेश करने वाले दोपहिया वाहनों की संख्या दर्ज की जा रही है। साथ ही बिष्टूपुर, टेल्को, मानगो, जुगसलाई और आदित्यपुर समेत विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले कर्मचारियों के आवागमन का भी आकलन किया जा रहा है। प्रत्येक गेट पर पीक आवर्स का दबाव, पार्किंग की आवश्यकता और कर्मचारियों के आवागमन के पैटर्न का अलग-अलग विश्लेषण किया जाएगा。
गेट के बाहर पार्किंग, भीतर शटल बसों से आवागमन
सर्वे का उद्देश्य यह तय करना है कि प्रत्येक गेट के बाहर कितनी पार्किंग विकसित करनी होगी और प्लांट के भीतर कर्मचारियों को उनके कार्यस्थल तक पहुंचाने के लिए कितनी शटल बसों की जरूरत पड़ेगी। बसों के रूट, समय-सारणी और शिफ्ट वार संचालन की रूपरेखा भी इसी अध्ययन के आधार पर तैयार होगी। आंकड़े अनुकूल रहने पर दोपहिया वाहनों की एंट्री चरणबद्ध तरीके से सीमित या बंद की जाएगी।
करीब 10 हजार कर्मचारियों के लिए बनेगी नई व्यवस्था
वर्तमान में जमशेदपुर प्लांट में लगभग 10 हजार स्थायी कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें अधिकांश दोपहिया वाहनों से आते-जाते हैं। कंपनी इन कर्मचारियों के लिए चरणबद्ध तरीके से बस सेवा शुरू करने की योजना पर काम कर रही है। ठेका कर्मचारियों के लिए पहले से शटल बस सेवा संचालित हो रही है। प्रबंधन का कहना है कि किसी भी नई व्यवस्था को कर्मचारियों, टाटा वर्कर्स यूनियन और अन्य हित धारकों से चर्चा के बाद ही अंतिम रूप दिया जाएगा। इस पहल को लागू करने के लिए गठित कमेटी की बैठक भी शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि दो दिन पूर्व कमेटी की बैठक हुई। बैठक में यूनियन प्रतिनिधि इस पहल को यूनियन चुनाव के बाद लागू करने का प्रस्ताव दिया। जबकि प्रबंधन इसे जल्द लागू करना चाह रहा है।


