चार राज्यों में 10 मेगा चार्जर हब शुरू
टाटा पावर और टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी ने महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग हब स्थापित किए हैं। 10 चार्जिंग हब में 70 हजार चार्जिंग सत्र हुए हैं, जिससे 6690 टन कार्बन उत्सर्जन रोका गया है। कंपनी का 2030 तक 10 हजार सार्वजनिक चार्जर्स लगाने का लक्ष्य है।

टाटा पावर और टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड ने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार राज्यों में चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार किया है। महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश में 10 टाटा पावर एक्स-टाटा डॉट ईवी मेगा चार्जर हब बनाए गए हैं। इन हब पर अबतक 70 हजार से अधिक चार्जिंग सत्र हुए हैं। कुल 85 हजार से अधिक घंटे चार्जिंग की गई है। इन हब ने 75 लाख से अधिक हरित किलोमीटर के सफर को सहारा दिया। इससे 6690 टन कार्बन उत्सर्जन रोकने में भी मदद मिली। नेटवर्क में 25 तेज चार्जर और 56 चार्जिंग गन हैं। इनकी कुल क्षमता 2.7 मेगावाट है।
प्रत्येक हब की क्षमता 180 से 600 किलोवाट तक है। यमुना एक्सप्रेसवे पर ग्रेटर नोएडा-आगरा मार्ग में चार हब हैं। हैदराबाद-विजयवाड़ा मार्ग पर तीन हब बनाए गए हैं। बेंगलुरु-तिरुपति और पुणे-बेंगलुरु मार्ग पर भी एक-एक हब है। मुंबई और हैदराबाद में दो हब शहर के भीतर की जरूरत पूरी करते हैं। मुंबई में छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के टर्मिनल-2 के पास लीला मेगा चार्जर प्रमुख केंद्र है। इसकी क्षमता 600 किलोवाट है। यहां 16 चार्जिंग गन हैं। इससे एक साथ 16 वाहन चार्ज हो सकते हैं। टाटा पावर के नेटवर्क में 690 से अधिक शहरों और कस्बों में 6700 से ज्यादा सार्वजनिक और वाणिज्यिक चार्जर हैं। 2.5 लाख से अधिक घरेलू चार्जर और 1200 से ज्यादा बस चार्जिंग केंद्र भी हैं। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक 10 हजार सार्वजनिक और 7.5 लाख घरेलू चार्जर लगाने का है।


