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27 जून, 2020|2:12|IST

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तालिबान आतंकियों की कश्मीर में घुसने की तैयारी, ISI ने दी घाटी में लड़ाई की ट्रेनिंग

taliban fighters   ap file photo

तालिबान आतंकी कश्मीर में नया खतरा बन सकते हैं। कश्मीर से सटी सीमाओं पर लगातार तालिबान के आतंकियों का मूवमेंट सुरक्षा एजेंसियों के लिए नया सिरदर्द बन गया है। माना जा रहा है कि जैश और तालिबान आतंकियों के एक गुट ने आपस मे हाथ मिला लिया है। यही गुट अफगानिस्तान में तालिबान समझौते के बाद भी हमले करवा रहा है।

खुफिया एजेंसी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि तालिबान आतंकियों के एक समूह को पाकिस्तान की एजेंसी आईएसआई ने कश्मीर में लड़ाई के लिए ट्रेनिंग दी है। उन्हें यहाँ की भौगोलिक परिस्थिति व मैप आदि की जानकारी दी जा रही है। सूत्रों का कहना है कि तालिबान आतंकी जैश के साथ मिलकर घुसपैठ न कर पाएं इसकी रणनीति बनाई गई है। सुरक्षा बल तालिबान को ज्यादा खतरनाक लड़ाके मानते हैं।

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खुफिया सूत्रों का कहना है कि अफगानिस्तान में जैश ने तालिबानी आतंकियों की मदद की है और बदले में वे कश्मीर में उनकी मदद चाहते हैं। पिछले दिनों सीमा पर करीब दो दर्जन तालिबानी आतंकियों का मूवमेंट सीमा पर देखा गया था। खुफिया सूत्रों ने कहा कि भारतीय एजेंसियों के अलावा अफगान एजेंसियो ने भी जैश और तालिबान के खतरनाक प्लान को इंटरसेप्ट किया है। सुरक्षा बल सीमा पर पूरी तरह से मुस्तैद हैं। घुसपैठ रोकने के लिए उच्च स्तर की सतर्कता बरती जा रही है।

कश्मीर में बड़े आतंकी हमले की साजिश लगातार हो रही है। पाकिस्तान सीमा से घुसपैठ के जरिए आए जैश आतंकी सुरक्षा बलों को निशाना बनाने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं लश्कर और हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकी भी सुरक्षा बलों के लिए चुनौती बने हुए हैं। धारा 370 समाप्त होने के बाद से घाटी में पाकिस्तान की शह पर सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की कोशिश चल रही है।

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सुरक्षा एजेंसियों को उम्मीद है कि एनआईए जांच में पुलवामा पार्ट - 2 की साजिश की सभी परतें खुलेंगी। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में आतंकियों की ओर से कई तरह की कोशिशें ही रही हैं जिससे जम्मू-कश्मीर की शांति को भंग किया जाए। कई बार बड़े आतंकी हमले की साजिश रची गई, लेकिन हर बार भारतीय जवानों ने आतंकी साजिश की विफल कर दिया।

सूत्रों ने कहा घाटी में विदेशी आतंकियों की मौजूदगी से इंकार नही किया जा सकता। स्थानीय आतंकी भी पाक से आए आतंकियों की मदद करते हैं। सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्क हैं। सुरक्षा बलों को एसओपी को लेकर आगाह किया गया है। किसी भी तरह की चूक होने का फायदा आतंकी उठा सकते हैं। इसलिए खुफिया इनपुट की गहनता से छानबीन के निर्देश भी दिए गए हैं।

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  • Web Title:Taliban Terrorist in Kashmir Valley ISI Training Huge Challenge For Security Forces