खेल : तूर की नजर 22 मीटर थ्रो के साथ स्वर्णिम हैट्रिक पर
भारत के गोला फेंक खिलाड़ी तजिंदरपाल सिंह तूर 22 मीटर का मानक स्थापित करना चाहते हैं। एशियाई खेलों में लगातार स्वर्ण पदक जीते तूर ने कहा कि युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करना उनका लक्ष्य है। उन्होंने अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ 21.77 मीटर को पार करने की इच्छा व्यक्त की। चोपड़ा की प्रेरणा से भारतीय खेलों में नया स्तर निर्धारित करने का संकल्प।

लक्ष्य : देश के सबसे सफल गोला फेंक खिलाड़ी स्थापित करना चाहते हैं नए मानक, भाला फेंक खिलाड़ी नीरज की तरह युवाओं को करना चाहते प्रोत्साहित तूर की नजर 22 मीटर थ्रो के साथ स्वर्णिम हैट्रिक पर
गोला फेंक में सफलता
02 बार लगातार एशियाई खेलों में जीत चुके हैं स्वर्ण पदक
राष्ट्रीय रिकॉर्ड सुधारना चाहते
20.75 मी. सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा जकार्ता एशियाई खेल में
21.77 मी. की करियर की बेस्ट थ्रो के राष्ट्रीय रिकॉर्ड बना चुके
पटियाला, एजेंसी। भारत के गोला फेंक (शॉट पुट) में सबसे सफल खिलाड़ी तजिंदरपाल सिंह तूर 22 मीटर के बहुप्रतीक्षित आंकड़े को पार करना चाहते हैं। 2018 और 2022 में एशियाई खेलों में चैंपियन रहे तूर की नजर 19 सितंबर से आइची-नागोया में शुरू होने वाले एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक की हैट्रिक बनाने पर है।
चोपड़ा के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन
राष्ट्रीय रिकॉर्ड सुधारना चाहते : 31 वर्षीय तूर दो साल पहले टखने की चोट से उबर चुके हैं और पूरी तरह फिट हैं। राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 21.77 मीटर है। वह चाहते हैं कि भारतीय खिलाड़ी गोला फेंक में उस स्तर पर पहुंचें जहां 20 मीटर और 21 मीटर की दूरी को असाधारण न माना जाए। तूर ने कहा, मेरा लक्ष्य और सपना 22 मीटर गोला फेंककर नया रिकॉर्ड बनाना है, जिससे गोला फेंक में भारत की युवा पीढ़ी यह सोचे कि 21 मीटर कुछ भी नहीं है।
चोपड़ा से प्रेरित
चोपड़ा के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन का भारतीय भाला फेंक खिलाड़ियों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। चोपड़ा के ओलंपिक स्वर्ण पदक और 90.23 मीटर के राष्ट्रीय रिकॉर्ड ने मानक को और ऊंचा कर दिया है। इसके बाद रोहित यादव (87.68 मीटर), किशोर जेना (87.54 मीटर), सचिन यादव (86.54 मीटर) और यशवीर सिंह (85.41 मीटर) जैसे खिलाड़ी 85 मीटर का आंकड़ा पार करने में सफल रहे।
चोटों ने रुकावट डाली
चोपड़ा से प्रेरित : तूर ने कहा, जैसे नीरज ने 90 मीटर भाला फेंका है, तो अब 80-82 मीटर को कुछ भी नहीं माना जाता। रोहित ने 87.68 मीटर फेंका है, सचिन ने 86 मीटर से अधिक फेंका है और यशवीर ने क्वालीफाइंग चैंपियनशिप में व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। अगर हम देखें तो भारत में विश्व के कुछ ऐसे भाला फेंक खिलाड़ी हैं जिन्होंने 85 मीटर का आंकड़ा पार कर लिया है।
प्रतियोगिता में प्रदर्शन
चोटों ने रुकावट डाली : तूर का मानना है कि चोटों ने उन्हें बार-बार अपनी पूरी क्षमता के अनुसार प्रदर्शन करने से रोका है। उन्होंने कहा, चोटें हमेशा से मेरा पीछा करती रही हैं। बहुत से लोग कहते हैं कि मैं भारत से बाहर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाता। लेकिन जब कोई व्यक्ति फिट ही न हो तो वह अच्छा प्रदर्शन कैसा करेगा।
तूर ने हाल में ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भाग लिया था जब प्रतियोगिता से पहले पिंडली की मांसपेशियों में खिंचाव आ गया था। उन्होंने कहा, राष्ट्रमंडल खेलों से 12 दिन पहले मेरी पिंडली में ग्रेड 1 की चोट लग गई थी। उसी वजह से मैं अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाया। मुझे अपना थ्रो रोकना पड़ा था। हालांकि तेज हवा के बावजूद मैं 20 मीटर फेंकने में कामयाब रहा था।
राष्ट्रमंडल खेलों में तूर ने 20.27 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ पांचवां स्थान हासिल किया था। ग्लास्गो से लौटने के बाद ही उनकी चोट का पता चला। उन्होंने कहा, उन्होंने मुझे एमआरआई नहीं कराने के लिए कहा था। यह अच्छा हुआ कि मैंने नहीं कराया, वरना यह बात मेरे दिमाग में घूमती रहती। जब मैं लौटा और पता चला कि यह ग्रेड 1 की चोट है।


