स्वाइन फ्लू: सदर अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड तैयार
साहिबगंज में स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है। सभी सीएचसी व अनुमंडलीय अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड बनाने का कार्य हो रहा है। राज्य सरकार ने सभी सीएस को अलर्ट जारी किया है। स्वास्थ्य सुविधाएं और जरूरी उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं।

साहिबगंज (स्वरुप कुमार/पड़ताल )। स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए सदर अस्पताल में 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है। जिले के सभी सीएचसी व अनुमंडलीय अस्पताल में भी आइसोलेशन वार्ड बनाने का काम चल रहा है। राज्य ने स्वाइन फ्लू के संभावित मरीजों की जांच, उपचार, बचाव, रोकथाम व निगरानी का निर्देश दिया है। रांची में स्वाइन फ्लू के मरीज मिलने के बाद राज्य सरकार ने सभी सीएस को अलर्ट जारी कर दिया है। उधर, सीएस डॉ. रामदेव पासवान ने सभी डीएस व प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को पत्र जारी कर संक्रमण के बढ़ते प्रसार ,उसके बदलते स्वरूप तथा अन्य श्वसन रोग जैसे के खतरे को ध्यान में रखते हुए विभाग के गाइड का अनुपालन करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि आइएचआइपी पोर्टल पर रिपोर्ट प्रस्तुत उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है。
दुमका मेडिकल कॉलेज में होगी जांच
इन्फ्लूएंजा ए (एच 01 एन 01)/ए (एच3एन2) के संदिग्ध मरीजों के जांच के लिए सैंपल दुमका मेडिकल कॉलेज भेजा जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार ने निर्देश जारी कर दिया है। जिला में पीपीई, एन 95 मास्क, ट्रीपल लेयर मास्क, भीटीएम किट, ड्रग, ऑक्सीजन व वेंटीलेटर आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
स्टेट फंड का ऑक्सीजन प्लांट चालू
कोविड-19 के वक्त बने पीएम केयर फंड का ऑक्सीजन प्लांट फिलहाल खराब है। लेकिन स्टेट फंड का 200/500 एलपीएम का ऑक्सीजन प्लांट चालू हालत में है। जरूरत के मुताबिक मरीजों को इसकी सेवा उपलब्ध कराया जा रहा है। अस्पताल सूत्रों का दावा है कि स्वाइन फ्लू के मरीज यदि यहां मिलता है और जरूरत ऑक्सीजन का पड़ता है तो मरीज को बेहतर सेवा देने की व्यवस्था है।
लक्षण व बचाव
-बुखार के साथ खांसी, गले में खराश और नाक या जुकाम होना।
-शरीर में दर्द, सिरदर्द, ठंड लगना व डायरिया जैसे लक्षण उत्पन्न होना।
सावधानियां
-छींकते या खांसते समय अपने नाक और मुंह को रूमाल या कपड़े से ढकें।
-नाक, आंख, या मुंह को छूने से पहले और बाद में हाथ को साबुन से धोएं।
-नाक, आंख या मुंह को छूने से बचें।
-बुखार, खांसी, और गले में खराश हो, तो सार्वजनिक जगहों से दूर रहे और डॉक्टर से सलाह लें।
आवश्यक सभी उपकरण व संसाधन उपलब्ध है। जांच किट जल्द ही उपलब्ध हो जाएगा। लोगों को घबड़ाने की जरूरत नहीं है। लोग सर्तक रहे निर्भीक रहे। बीमार पड़ने पर नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में डॉक्टर से परामर्श लें।
डॉ. रामदेव पासवान
सीएस, साहिबगंज।
नोट: उपरोक्त खबरों को एकसाथ देना है।
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