स्वाइन फ्लू की दस्तक, लेकिन अस्पतालों में बचाव की तैयारी नदारद
रायबरेली में स्वाइन फ्लू के मरीजों की पुष्टि के बाद भी अस्पतालों में सुरक्षा इंतजाम सवालों के घेरे में हैं। स्वच्छता, मास्क का उपयोग और संक्रमित मरीजों को अलग रखने की शिकायतें उठ रही हैं। ओपीडी में खांसी-बुखार वाले मरीजों की स्क्रीनिंग में कमी है, जिससे संक्रमित रोगियों के बीच संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है।

रायबरेली संवाददाता। जिले में स्वाइन फ्लू यानी इन्फ्लुएंजा-एएचएन संक्रमण की दस्तक के बाद भी अस्पतालों में संक्रमण से बचाव के इंतजाम सवालों के घेरे में हैं। डब्ल्यूएचओ और स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन में संक्रमित मरीज को अलग रखने, मास्क के इस्तेमाल, हाथों की स्वच्छता, पर्याप्त वेंटिलेशन और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क को सीमित करने के निर्देश हैं, लेकिन जिले के अस्पतालों में इन सावधानियों का पालन होता कहीं भी दिखाई नहीं दे रहा है। जिले में स्वाइन फ्लू के मरीज सामने आने के बावजूद अस्पतालों में मरीजों और उनके तीमारदारों के बीच संक्रमण से बचाव को लेकर पर्याप्त जागरूकता दिखाई नहीं दे रही है।
संक्रमित मरीज के साथ रहने वाले परिजन कई जगह बिना मास्क के ही संपर्क में आ रहे हैं। ओपीडी में भी खांसी-बुखार वाले मरीजों की अलग स्क्रीनिंग, भीड़ को नियंत्रित करने और संक्रमित के साथ संदिग्ध मरीजों को अन्य मरीजों से अलग रखने की व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जबकि विभाग की गाइड लाइन के अनुसार फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों की स्वास्थ्य केंद्रों पर स्क्रीनिंग की जानी चाहिए और चिकित्सक की जांच के बाद मरीज को बीमारी की गंभीरता के आधार पर इलाज की अस्पताल में भर्ती की व्यवस्था होनी चाहिए। लेकिन यहां तो जिला अस्पताल में संक्रमित मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था है बाकी अन्य अस्पतालों की व्यवस्था पर विभाग भी चुप्पी साधे हुए हैं।


