स्वाइन फ्लू के बढ़ते खतरे को लेकर बढ़ी सतर्कता
घबराने की जरूरत नहीं: डॉ. दुबे प्रखंड का स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय निजी नर्सिंग होम पूरी तरह सतर्क है। हालांकि राहत की बात यह है कि जमुआ में

जमुआ, प्रतिनिधि। स्वाइन फ्लू के बढ़ते खतरे को देखते हुए जमुआ प्रखंड का स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय निजी नर्सिंग होम पूरी तरह सतर्क है। हालांकि राहत की बात यह है कि जमुआ में फिलहाल स्वाइन फ्लू का एक भी मरीज या संदिग्ध लक्षण सामने नहीं आया है। इसके बावजूद एहतियात बरतते हुए अस्पताल आने वाले सभी मरीजों और परिजनों को मास्क लगाने व सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। सांस की तकलीफ गंभीर स्थिति का संकेत: डॉ. दुबे
सांस की तकलीफ गंभीर स्थिति का संकेत
दुबे नर्सिंग होम के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राजेश कुमार दुबे ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण इन दिनों मौसमी वायरल संक्रमण का प्रकोप बढ़ता है। स्वाइन फ्लू के शुरुआती लक्षण सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे ही होते हैं, लेकिन यदि मरीज को सांस लेने में कठिनाई होने लगे या सांस फूलने लगे तो यह गंभीर स्थिति का संकेत है।
संक्रामक बीमारी के फैलने के तरीके
उन्होंने बताया कि स्वाइन फ्लू एक संक्रामक बीमारी है जो मरीज के खांसने, छींकने या सांस छोड़ने के दौरान हवा में फैलने वाली सूक्ष्म बूंदों से फैलती है। इसके अलावा संक्रमित सतहों (जैसे दरवाजे के हैंडल, मेज आदि) को छूने के बाद आंख, नाक या मुंह को स्पर्श करने से भी इसके फैलने का खतरा रहता है।
अस्पतालों में विशेष इंतजाम, घबराने की जरूरत नहीं
डॉ. दुबे ने कहा कि संभावित मरीजों के इलाज के लिए अस्पताल में बेड और विशेष वार्ड तैयार किए गए हैं। जरूरी दवाओं और जांच की समुचित व्यवस्था की गई है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि बीमारी से घबराएं नहीं, बल्कि सतर्कता बरतें और लक्षण दिखते ही जांच कराएं।


