स्वामी विवेकानंद के जीवन से युवा ले प्रेरणा: मदन
स्वामी विवेकानंद का जीवन मानवता के लिए ऊर्जा का स्रोत है। रामकृष्ण विवेकानंद विद्यालय में शिकागो प्रबोधन दिवस समारोह का आयोजन हुआ, जिसमें महात्मा जी की शिक्षाओं पर चर्चा हुई। स्वामी ब्रह्म योगानंद महाराज ने कार्यक्रम में भाग लिया और युवाओं को प्रेरित करने के लिए अपने विचार साझा किए।

बेतिया, बेका। स्वामी विवेकानंद का जीवन समस्त मानवता के लिए और अजस्त्र ऊर्जा का पुंज है। जिससे सतत निर्माण किया जा सकता है। युवा उनके जीवन से सीख लेकर आगे बढ़ सकते हैं। उक्त बातें रामकृष्ण विवेकानंद विद्यालय के निदेशक मदन बनिक ने शुक्रवार की देर शाम विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में कही।
कार्यक्रम का आयोजन
रामकृष्ण विवेकानंद एडुकेशनल सोसाइटी के तत्वाधान में शिकागो प्रबोधन दिवस का समारोह मनाया गया। स्वामी विवेकानंद, मां शारदा और ठाकुर परमहंस के तरुवीर पर माल्यार्पण और अतिथि सम्मान पश्चात कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत हुई। अपने बतौर मुख्य अतिथि स्वामी ब्रह्म योगानंद महाराज( रामकृष्ण मिशन आश्रम बेला, मुजफ्फरपुर) ने अपने उदबोधन में कहा कि जैसे जलते कोयले पर राख जमा होने से इसकी तीव्रता कम होती है पुन:राख को झाड़ देने से उसका प्रज्वलन पूर्ववत हो जाता है : वैसे ही जनमानस में उनमेश हेतु ऐसे दिवस की सार्थकता है।
विशिष्ट अतिथियों के विचार
कार्यक्रम में डॉ दिवाकर राय, डॉ रमेश कुमार डेमोक्रेट, राजकिशोर प्रसाद, डॉ रविराज दुबे आदि ने संबोधन किया। समापन के दौरान जिला युवा अधिकारी कार्यक्रम में मंच से सम्मानित किया गया। प्रशांत सौरभ का बांसुरी वादन व संचालन अजय पांडे का गायन छात्रा अंशिका कुमारी का सराहनीय रहा। धन्यवाद ज्ञापन प्राचार्य इंद्रजीत चक्रवर्ती ने किया। मौके पर पर्यावरण साथी मनोज कुमार गुप्ता, राधाकांत देवनाथ, भास्कर भौमिक, अनवर सुजायत आदि उपस्थित रहे।


