मानदेय वृद्धि की मांग को लेकर स्वच्छ भारत मिशन कर्मी करेंगे कार्य बहिष्कार
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण कर्मचारियों ने मानदेय में वृद्धि न होने पर आंदोलन की घोषणा की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि 2 सितंबर 2026 तक मांगें पूरी न होने पर 3 सितंबर से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार किया जाएगा। 11 वर्षों में महंगाई के बावजूद कर्मचारियों को उचित मानदेय नहीं मिला।

स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण पंचायती राज विभाग के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों ने लंबे समय से मानदेय में वृद्धि न होने पर आंदोलन का ऐलान किया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि दो सितंबर 2026 तक मांगों पर सकारात्मक निर्णय या वार्ता नहीं हुई तो तीन सितंबर से कर्मचारी अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार करेंगे। इसके बाद 10 सितंबर से अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की भी घोषणा की गई है। संगठन के अनुसार प्रदेश के मंडल, जिला और विकासखंड स्तर पर हजारों कर्मचारी वर्ष 2015 से मिशन के विभिन्न कार्यों में सेवाएं दे रहे हैं। इनमें मंडल कंसल्टेंट, जिला कंसल्टेंट, योजना सहायक, ऑपरेटर, ब्लॉक समन्वयक सहित अन्य पदों पर कर्मचारी शामिल हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि पिछले 11 वर्षों में महंगाई और रोजमर्रा के खर्च में लगातार बढ़ोतरी हुई, लेकिन उनके मानदेय में अपेक्षित वृद्धि नहीं की गई। संगठन ने शासन के पूर्व पत्रों का हवाला देते हुए कहा कि स्वच्छ भारत मिशन और राज्य आजीविका मिशन में समान शैक्षिक योग्यता वाले कर्मचारियों के मानदेय को राज्य आजीविका मिशन के आधार पर निर्धारित किया जा सकता है। इसके बावजूद अब तक ठोस निर्णय नहीं लिया गया। कर्मचारियों का कहना है कि मानदेय बढ़ाने को लेकर कई बार अधिकारियों को ज्ञापन और मौखिक अनुरोध किए गए, लेकिन केवल आश्वासन मिले। संगठन ने स्पष्ट किया कि मांगों का समाधान नहीं होने पर प्रस्तावित आंदोलन की जिम्मेदारी मिशन कार्यालय और निदेशालय की होगी। इस दौरान विजयपाल सिंह, सत्यराम सिंह, पुष्पेन्द्र, नंदकिशोर, राखी, महेश कुमार आदि मौजूद रहे।


